इंदौर में श्री अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा 29 जून से शुरू होने वाली है, लेकिन मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की व्यवस्था बेहद कमजोर होने से लोग रात 11 बजे से ही अस्पताल के बाहर लाइन लगाकर बैठने को मजबूर हैं। जानकारी के मुताबिक शहर के जिला अस्पताल में हजारों श्रद्धालु मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन जांच के लिए सिर्फ दो डॉक्टर तैनात किए गए हैं। इतनी बड़ी भीड़ के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या बहुत कम होने से पूरी प्रक्रिया काफी धीमी हो गई है।
स्थिति यह है कि कई श्रद्धालु रात में ही अस्पताल परिसर के बाहर फुटपाथ पर जगह घेरकर बैठ जाते हैं ताकि सुबह उनका नंबर जल्दी आ सके। रात भर खुले आसमान के नीचे इंतजार करने के बाद भी कई लोगों का नंबर नहीं आ पाता। सुबह करीब 3 बजे तक अस्पताल के गलियारे और परिसर श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर जाते हैं।
कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती है
सबसे ज्यादा दिक्कत महिला श्रद्धालुओं को हो रही है। अस्पताल परिसर में उनके लिए न तो पर्याप्त बैठने की व्यवस्था है और न ही स्वच्छता के अच्छे इंतजाम हैं। कई महिलाएं घंटों लाइन में खड़े-खड़े ही नाश्ता करने को मजबूर हो जाती हैं। भीड़ बढ़ने पर कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती है। सुरक्षाकर्मियों को भीड़ संभालने में काफी मुश्किल होती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग आने वाले थे, इसके बावजूद प्रशासन ने पर्याप्त डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था नहीं की।
मेडिकल सर्टिफिकेट में देरी
मेडिकल सर्टिफिकेट में देरी की वजह से कई श्रद्धालुओं का यात्रा पंजीकरण भी अटक रहा है। कई लोगों ने पहले से ट्रेन या हवाई टिकट और यात्रा पैकेज बुक कर रखे हैं। सर्टिफिकेट नहीं मिलने से उनकी यात्रा पर भी संकट खड़ा हो गया है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल जांच के लिए तुरंत अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की जाए और प्रक्रिया को तेज किया जाए। लोगों का कहना है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो कई श्रद्धालु इस साल अमरनाथ धाम की यात्रा से वंचित रह सकते हैं।






