रविवार और सोमवार की दरमियानी रात सोनपुर रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक डिस्पोजल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग इतनी तेज फैल गई कि पूरी फैक्ट्री उसकी चपेट में आ गई और हर तरफ धुआं और लपटें दिखाई देने लगीं।
यह सिर्फ एक आग की घटना नहीं थी, बल्कि एक ऐसी रात थी जिसने एक कारोबारी की मेहनत को राख में बदल दिया। फैक्ट्री आग घटना में जहां करोड़ों का सामान जल गया, वहीं मालिक ने अपनी जान की परवाह किए बिना अंदर रखे लाखों रुपये बचाने का साहसिक कदम उठाया।
कैसे लगी फैक्ट्री में आग
जानकारी के अनुसार, आग देर रात फैक्ट्री में लगी, जहां बड़ी मात्रा में पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री रखी हुई थी। इसी वजह से आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और कुछ ही समय में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों ने आग की लपटें देख तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन सामग्री ज्वलनशील होने के कारण आग पर काबू पाना आसान नहीं था। फैक्ट्री आग घटना में आग लगने के सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर जांच जारी है।
28 लाख रुपये बचाने के लिए मालिक ने दिखाई हिम्मत
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फैक्ट्री के अंदर करीब 28 लाख रुपये नगद रखे हुए थे। आग लगने के बावजूद फैक्ट्री संचालक दीपक साहू ने हिम्मत दिखाई और अपनी जान जोखिम में डालकर अंदर से कैश बाहर निकाल लिया। यह कदम जितना साहसी था, उतना ही खतरनाक भी। आग की लपटों के बीच जाकर पैसे निकालना किसी भी व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता।
आग बुझाने में पूरी रात लगी
आग की सूचना मिलते ही नगर निगम की 5 दमकल गाड़ियां और 4 पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। टीम ने लगातार कई घंटों तक आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि सुबह तक पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।
इस घटना में फैक्ट्री का अधिकांश हिस्सा जल गया और फर्नीचर, मशीनें व अन्य सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई। शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
आग बुझाने के दौरान झुलसे लोग
इस हादसे में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू और उनके परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य आग बुझाने और बचाव के प्रयास में झुलस गए। बुजुर्ग की हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।






