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ठेकेदार का बिल पास करने PHE कर्मचारी ने ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
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रिश्वत की मांग की सत्यता जानने के बाद लोकायुक्त एसपी एक निर्देश पर आज ट्रैप दल ने दर्पण मिश्रा को आवेदक से 14000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
ठेकेदार का बिल पास करने PHE कर्मचारी ने ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Chhindwara PHE employee caught taking bribe

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने आज छिंदवाड़ा में एक कार्रवाई करते हुए PHE के पंप अटेंडेंट  को ठेकेदार से रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है, पूछताछ में कर्मचारी ने बताया कि उसने क्लर्क के कहने पर रिश्वत की राशि ली है , लोकायुक्त पुलिस ने दोनों को आरोपों बनाते हुए मामला जाँच में ले लिया है।

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक छिंदवाड़ा जिले की परासिया तहसील के ग्राम अम्बाडा निवासी सौरभ मिश्रा ने एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उन्होंने कार्यालय कार्यपालन यंत्री,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड परासिया के कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

सौरभ मिश्रा ने बताया कि वो ठेकेदार है और पीएचई में ठेकेदारी करता है, उसने छिंदवाड़ा में निर्माण कार्य का ठेका लिया है उसने कुल काम का 30 प्रतिशत कार्य पूरा कर कर लिया था जिसके बाद उसके खाते में 4,11,665 रुपए प्राप्त हुये है, जिसे रिलीज करने के लिए यहाँ पदस्थ क्लर्क संदेश गजभिये 6 प्रतिशत के हिसाब से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।

14000 की रिश्वत लेते पकड़ा PHE कर्मचारी  

शिकायत मिलने के बाद उसकी सत्यता की जाँच की गई सत्यापन के दौरान क्लर्क संदेश गजभिए ने ठेकेदार सौरभ मिश्रा से पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा से बात करने के लिए कहा, दर्पण मिश्रा से मिलने पर 14000 रुपए लेनदेन की बात तय होने पर दर्पण मिश्रा एवं संदेश गजभिये 14000 रुपए रिश्वत लेने तैयार हो गये।

रिश्वत हाथ में आते ही दबोचा पंप अटेंडेंट 

रिश्वत की मांग की सत्यता जानने के बाद लोकायुक्त एसपी एक निर्देश पर आज ट्रैप दल ने दर्पण मिश्रा को आवेदक से 14000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,12,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है, लोकायुक्त ने क्लर्क संदेश गजभिए को भी आरोपी बनाया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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