Hindi News

वंदे मातरम् विवाद गरमाया, बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ बोलीं ऐसे लोगों से वोट नहीं मांगते, आकाश विजयवर्गीय ने ऐसे लोगों को देशद्रोही बताया

Written by:Ankita Chourdia
Published:
इंदौर में वंदे मातरम् पर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है। बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने ऐलान किया है कि वे ऐसे लोगों से वोट नहीं मांगतीं जो वंदे मातरम् नहीं बोलते, जबकि आकाश विजयवर्गीय ने उन्हें देशद्रोही बताया है।
वंदे मातरम् विवाद गरमाया, बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ बोलीं ऐसे लोगों से वोट नहीं मांगते, आकाश विजयवर्गीय ने ऐसे लोगों को देशद्रोही बताया

इंदौर में वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक गलियारों में तेजी से गरमा गया है। मालिनी गौड़, आकाश विजयवर्गीय और ऊषा ठाकुर जैसे बीजेपी नेताओं के तीखे बयानों के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। नगर निगम बजट परिषद से शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों रूप ले चुका है।

बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने इस मुद्दे पर साफ शब्दों में कहा कि वे उन इलाकों में वोट मांगने नहीं जातीं, जहां के लोग वंदे मातरम् नहीं बोलते। उनके अनुसार जो व्यक्ति इस देश में रहता है, उसे ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ कहना चाहिए, क्योंकि यह सिर्फ नारा नहीं बल्कि देशभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने दिवंगत नेता लखन दादा की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी इसी सिद्धांत पर चलते थे और वे स्वयं भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं। गौड़ के इस बयान के बाद पहले से चल रहा विवाद और तेज हो गया है।

जो लोग वंदे मातरम् नहीं बोलते, वे देशद्रोही हैं: आकाश विजयवर्गीय

इस मामले में बीजेपी के एक और विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् नहीं बोलते, वे देशद्रोही हैं और आतंकी से कम नहीं हैं। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि फिलहाल देश में भाजपा की सरकार है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन चल रहा है, साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसी संस्थाएं भी सक्रिय हैं। उनके मुताबिक अगर ऐसे लोगों को अवसर मिल जाए तो वे देश और समाज को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल में और ज्यादा गरमाहट पैदा कर दी है।

भारत में रहना है तो वंदे मातरम् कहना होगा: ऊषा ठाकुर

पूर्व मंत्री ऊषा ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर बेहद सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम् कहना होगा, अन्यथा देश छोड़ना होगा। उन्होंने उन तर्कों को भी खारिज किया जिनमें कहा जाता है कि इस्लाम में वंदे मातरम् गाने की अनुमति नहीं है। ठाकुर ने कहा कि भारत संविधान के सिद्धांतों पर चलने वाला स्वतंत्र देश है और यहां सभी को देश की एकता और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।

इस पूरे मामले ने अब कानूनी रूप भी ले लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता विकास अवस्थी ने एडवोकेट आकाश शर्मा के माध्यम से जिला अदालत में एक परिवाद दायर किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ पार्षदों ने मीडिया और सोशल मीडिया पर यह बयान दिया कि इस्लाम में वंदे मातरम् गाना प्रतिबंधित है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह के बयान शहर के सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews