सोमवार 13 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 1500 अंक गिरकर 76,000 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी लगभग 450 अंक टूटकर 23,590 पर आ गया। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आई इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा और बाजार में दिनभर बेचैनी का माहौल रहा।
दरअसल इस गिरावट की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। करीब 21 घंटे तक चली बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया। खबर सामने आते ही दुनियाभर के बाजारों में चिंता बढ़ गई और इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
सरकारी बैंकों के शेयरों में तेज गिरावट
आज के कारोबार में खासतौर पर सरकारी बैंकों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव बढ़ने की आशंका के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक आमतौर पर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं, इसलिए बैंकिंग सेक्टर के कई शेयर दबाव में आ गए।
वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का असर देखने को मिला। कोस्पी इंडेक्स करीब 1.37% गिर गया। वहीं निक्केई इंडेक्स में भी करीब 1% की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा हैंगसेंग इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा। इससे साफ है कि मिडिल ईस्ट के तनाव का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ रहा है।
पिछले कारोबारी दिन बाजार में तेजी का माहौल था
इससे पहले पिछले कारोबारी दिन बाजार में तेजी का माहौल था। शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 919 अंक चढ़कर 77,550 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 276 अंक बढ़कर 24,051 पर पहुंच गया था। उस दिन बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी। लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही माहौल पूरी तरह बदल गया और ज्यादातर शेयरों में गिरावट दिखी।






