भारतीय रिजर्व बैंक में 8 अप्रैल को मौद्रिक नीति समिति बैठक के फैसलों की घोषणा की थी। रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। इसके बाद भी कई बैंकों ने लोन Loan Rates) और फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में संशोधन किया है। इस सूची में एचडीएफसी बैंक के बाद पब्लिक सेक्टर का इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) भी शामिल हो चुका है। कुछ टेन्योर के लिए MCLR में 5 आधार अंक की कटौती की गई है। नई दरें 15 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली हैं।
ओवरनाइट, 1 साल और 2 साल के एमसीएलआर में 50 बीपीएस की कटौती का फैसला इस पब्लिक सेक्टर के बैंक ने लिया है। पहले ओवरनाइट एमसीएलआर 7.95% था, जिसे घटकर 7.90% किया गया है। 1 साल और 2 साल के टेन्योर के लिए दरों को 8. 80% से घटकर 8.75% करने का फैसला बैंक ने लिया गया है।
बाकी टेन्योर में कोई बदलाव नहीं
अन्य किसी भी टेन्योर के लिए दरों में संशोधन नहीं किया गया है। एक महीने के लिए एमसीएलआर 8.20%, 3 महीने के लिए 8.40%, 6 महीने के लिए 8.65% और 3 साल के लिए 8.85% है। इससे पहले बैंक ने 15 मार्च को भी MCLR में कटौती की थी। 1 महीने के टेन्योर के लिए दरों को 8.30% से घटाकर 8.20% कर दिया गया था। बता दें एमसीएलआर न्यूनतम दरें होती हैँ, जिसके आधार पर बैंक लोन के लिए ब्याज दरों को निर्धारित करते हैं। समय-समय पर इनमें बदलाव होता रहता है। IOB के इस फैसले का असर सभी प्रकार के ऋण पर पड़ेगा।
एफडी के ब्याज दरों में भी बदलाव नहीं
बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में कोई भी बदल नहीं किया है। आखरी बार इंटरेस्ट रेट में दिसंबर 2025 में बदलाव किया गया था। 7 दिन से लेकर 3 साल और इससे अधिक के निवेश पर बैंक सामान्य नागरिकों को 3.50% से लेकर 6.60% तक ब्याज ऑफर कर रहा है। 3 करोड़ रुपये से कम का निवेश किया जा सकता है। न्यूनतम सीमा 1 लाख रुपये है।
वरिष्ठ नागरिकों को बैंक 0.50% और सुपर सीनियर सिटीजंस को 0.75% अतिरिक्त ब्याज भी ऑफर कर रहा है। सबसे ज्यादा रिटर्न 444 दिन के फिक्स्ड डिपॉजिट टेन्योर पर मिल रहा है। इंटरेस्ट रेट में बदलाव होता रहता है। इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा विजिट करने दरों को सत्यापित करने की सलाह दी जाती है।






