Hindi News

इस फाइनेंस कंपनी ने तोड़े KYC से जुड़े नियम, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया भारी जुर्माना 

Published:
आरबीआई ने एक फाइनेंस कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माना लगाया है। आइए जानें इस कार्रवाई के पीछे क्या वजह है और ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
इस फाइनेंस कंपनी ने तोड़े KYC से जुड़े नियम, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया भारी जुर्माना 

भारती रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर मई में एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने पर क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण लिमिते (CreditAccess Gramin Limited) पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर शुक्रवार को दी है। बैंकिंग अधिनियम 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया गया है।

आरबीआई ने बताया कि 31 मार्च 2025 तक कंपनी की वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए एक वैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला। जांच की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें नियमों का अनुपालन न करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया।

नोटिस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

कंपनी ने तोड़े ये नियम 

इस कंपनी ने एक ऐसा मजबूत सॉफ्टवेयर लागू किया, जो संदिग्ध लेनदेन की प्रभावी पहचान और रिपोर्टिंग के हिस्से में तब अलर्ट जारी करें, जब लेनदेन ग्राहकों के जोखिम वर्गीकरण अपडेट प्रोफाइल के अनुरूप न हो। ऐसे में आरबीआई द्वारा जारी केवाईसी संबंधित निर्देशों का उल्लंघन हुआ। पेनल्टी से संबंधित आदेश कंपनी को 25 मई 2026 को जारी किया गया।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा प्रभाव 

इस कार्रवाई का असर  कंपनी और ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर नहीं पड़ेगा। इसकी पुष्टि खुद रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने की है। न ही भविष्य में आरबीआई द्वारा शुरू की गई किसी अन्य कार्रवाई पर इस एक्शन का असर पड़ेगा। ग्रहकक पहले ही तरह सभी सेवाओं का लाभ भी उठा सकते हैं।

PR353107338ED14744007BEBF71825550DE96
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews