इंदौर के कनाडिया थाना क्षेत्र में चोरी की एक अजीब वारदात सामने आई है। यहां जिन पेंटरों को घर सजाने की जिम्मेदारी मिली थी, उन्होंने ही घर साफ कर दिया। बिचौली मर्दाना की एक हाईप्रोफाइल सोसाइटी में पेंटिंग का ठेका लेकर दो शातिर चोरों ने वाशिंग मशीन में छिपाए गए लाखों के जेवरात उड़ा लिए। कनाडिया पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है और उनके पास से 25 लाख रुपये का सारा चोरी का माल बरामद कर लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उन्हें अपराधी बना दिया।
क्या है पूरा मामला?
मामला बिचौली मर्दाना स्थित सम्पत हिल्स का है। यहां तन्मय कानूनगो नाम के व्यक्ति ने अपने फ्लैट में पुताई का काम शुरू करवाया था। उन्होंने अपने घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए पेंटरों को बुलाया था, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वे अपराधियों को अपने घर की चाबियां सौंप रहे हैं। सुरक्षा के तौर पर परिवार ने अपने कीमती गहने अलमारी में रखने की बजाय वाशिंग मशीन के अंदर छिपा दिए थे। उन्हें लगा था कि यह एक सुरक्षित जगह है जहां किसी की नजर नहीं पड़ेगी।
लेकिन काम करने आए पेंटर रामकुमार और रिजवान की नजरें तेज थीं। उन्होंने पेंटिंग के दौरान घर की बारीकी से रेकी की। उन्हें पता चल गया कि परिवार ने जेवर वाशिंग मशीन में छिपाए हैं। उनकी शातिर निगाहों से वाशिंग मशीन में छिपा लाखों का खजाना बच नहीं पाया। वे काम के बहाने घर के हर कोने की जानकारी जुटाते रहे और चोरी की योजना बनाते रहे।
आखिरकार 2 अप्रैल को आरोपियों को मौका मिल गया। जब फ्लैट में कोई नहीं था, आरोपियों ने कमरे का लॉक तोड़ा और सीधे वाशिंग मशीन तक पहुंचे। उन्होंने बिना किसी देरी के उसमें रखे लाखों रुपये के जेवरात निकाले और मौके से फरार हो गए। चोरी का पता चलने पर तन्मय कानूनगो और उनके परिवार के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत कनाडिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज, आरोपी गिरफ्तार
चोरी की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सहर्ष यादव ने अपनी टीम के साथ मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले सम्पत हिल्स सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में पेंटर रामकुमार और रिजवान की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। काम खत्म होने के बाद भी उनका सोसाइटी परिसर में घूमना और फिर अचानक गायब हो जाना पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया। पुलिस ने फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की।
पुलिस टीम ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिरों से मिली जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। मुसाखेड़ी और आजाद नगर इलाकों से दोनों आरोपियों रामकुमार और रिजवान को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने दोनों से कड़ी पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपनी चोरी की बात कबूल कर ली।
कर्ज को चुकाने और अय्याशी के लिए की चोरी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ऑनलाइन गेमिंग के बुरी तरह आदी हैं। इस लत ने उन्हें कर्ज में डुबो दिया था। अपने कर्ज को चुकाने और अपनी अ य्याशी के लिए पैसे जुटाने के लिए उन्होंने इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया। यह जानकारी सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई कि कैसे एक शौक ने इन दो व्यक्तियों को अपराधी बना दिया।
कनाडिया पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया सारा माल बरामद कर लिया है। बरामद किए गए जेवरात की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने चोरी का माल जब्त कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना से एक बार फिर यह बात सामने आई है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत कैसे युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेल सकती है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि हमें अपने आसपास के लोगों और उनके इरादों को लेकर सतर्क रहना चाहिए, खासकर जब वे हमारे घरों में काम कर रहे हों।






