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‘हमारी रातों की नींद उड़ गई’, इंदौर में भूमिगत मेट्रो रूट के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, 50 साल पुराने मकानों पर खतरा!

इंदौर में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो रूट के विरोध में तिलक नगर और गोयल नगर के रहवासियों ने बंगाली चौराहे पर 'एक दिया उम्मीद का' जलाकर कैंडल मार्च निकाला और टेंडर की कॉपी फाड़ी। जलसंकट और मकानों के खतरे को देखते हुए लोगों ने लिखित आश्वासन तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
'हमारी रातों की नींद उड़ गई', इंदौर में भूमिगत मेट्रो रूट के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

इंदौर में मेट्रो नेटवर्क विस्तार के तहत प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार रात तिलक नगर, गोयल नगर और साईंनाथ कॉलोनी के सैकड़ों रहवासी बंगाली चौराहे पर जमा हुए।

लोगों ने ‘एक दिया उम्मीद का’ जलाकर कैंडल मार्च निकाला और टेंडर की कॉपी फाड़कर जमकर नारेबाजी की। रहवासियों का कहना है कि वे मेट्रो के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन घनी आबादी और पुराने मकानों के नीचे से टनल बनाने के बजाय दूसरे विकल्पों का तकनीकी अध्ययन होना चाहिए।

बोरिंग और पुराने मकानों पर मंडराया खतरा

प्रदर्शनकारियों ने अपनी बड़ी चिंताओं को सामने रखते हुए कहा कि अंडरग्राउंड मेट्रो की खबर के बाद से उनकी रातों की नींद उड़ गई है। इलाके में 50 से 60 साल पुराने ढेरों मकान हैं, जो टनल खुदाई के दौरान होने वाले कंपन से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इसके अलावा, क्षेत्र के अधिकांश परिवार घरेलू पानी के लिए बोरिंग पर निर्भर हैं। टनल बोरिंग मशीन चलने से जलस्रोत बंद होने और भविष्य में भीषण जलसंकट खड़ा होने का डर बना हुआ है।

घर-घर जाकर चलाया जागरूकता अभियान

आंदोलन की अगुवाई कर रहे स्थानीय नागरिकों ने बताया कि शुरू में कई लोगों को इस प्रस्तावित भूमिगत रूट के गंभीर परिणामों की सही जानकारी नहीं थी। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर क्षेत्रवासियों को रूट मैप और उससे होने वाले नुकसानों के बारे में समझाया गया। इसके बाद सभी से आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराए गए। प्रदर्शन में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन

रहवासियों का साफ कहना है कि जब तक शासन, प्रशासन और मेट्रो प्रबंधन लिखित में सुरक्षा और रूट बदलाव का आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। मामले को लेकर कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी गई है। आरोप है कि बिना कोई जानकारी दिए चुपके से टेंडर बदला गया। अब इस लड़ाई में युवा यानी ‘जेन जी’ भी शामिल होने जा रहे हैं, जो जल्द ही बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

Bhawna Choubey
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पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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