मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा टल गया, जब एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। घटना रात करीब 9 बजे कलेक्टर कार्यालय के पास स्थित जीडीसी कॉलेज के समीप की है। बोनट से धुआं उठता देख कार सवारों ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर निकल आए। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
बोनट से निकला धुआं और भड़क उठीं लपटें
एमआर-10 स्थित नॉर्थ एवेन्यू कॉलोनी निवासी व्यापारी शैलेंद्र जैन अपने एक साथी के साथ कार से महूनाका की तरफ जा रहे थे। रास्ते में अचानक कार के इंजन वाले हिस्से से तेज धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते ही शैलेंद्र ने तुरंत गाड़ी रोकी और दोस्त के साथ बाहर निकल आए। उनके बाहर आते ही आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और गाड़ी धूं-धूं कर जलने लगी।
दमकल की टीम ने एक टैंकर पानी से आग पर पाया काबू
राहगीरों की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम और जूनी इंदौर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और करीब एक टैंकर पानी की मदद से काफी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जा पाती, तब तक पूरी कार जलकर बुरी तरह खाक हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्राथमिक जांच और व्यापारी शैलेंद्र जैन के अनुसार, कार के वायरिंग सिस्टम में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के कारण यह आगजनी हुई है। जूनी इंदौर थाना पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि समय रहते वाहन सवारों के बाहर निकलने से एक बड़ा हादसा होने से बच गया, वरना स्थिति काफी भयावह हो सकती थी।






