इंदौर में डाक सहायक उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में फरार आरोपी पति अखिलेश सैनी की तलाश आखिरकार खत्म हो गई, लेकिन जिस तरह उसका शव मिला उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। रविवार सुबह विदिशा जिले के गंज बासौदा के पास रेलवे ट्रैक पर उसका सिर कटा शव मिलने से पुलिस और स्थानीय लोगों में सनसनी फैल गई।
पुलिस के अनुसार शव के पास मिले आधार कार्ड और पैन कार्ड से मृतक की पहचान अखिलेश सैनी के रूप में हुई। उसकी जेब से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस का कहना है कि नोट की जांच की जा रही है और उसकी हैंडराइटिंग समेत अन्य तथ्यों का भी मिलान कराया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच के मुताबिक 11 जुलाई की सुबह इंदौर की डाककुंज कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में डाक सहायक उर्मिला सैनी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि हत्या के बाद पति अखिलेश सैनी घर से फरार हो गया। जाने से पहले उसने कथित तौर पर टीवी चालू छोड़ दिया और बाद में अपनी बेटी के स्कूल पहुंचकर उसे मोबाइल, एटीएम कार्ड, स्कूटर की चाबी और अन्य सामान सौंप दिया। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
घटना की सूचना मिलने के बाद संयोगितागंज थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गईं और उसकी गिरफ्तारी पर पहले 10 हजार, बाद में 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी बीच रविवार को गंज बासौदा रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिलने की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि उसने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या की लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रेलवे ट्रैक पर मिला शव
गंज बासौदा सिटी पुलिस के अनुसार, शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला, लेकिन घटनास्थल पर सिर नहीं मिला। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने कई किलोमीटर तक ट्रैक पर तलाश अभियान चलाया, लेकिन सिर बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक टीम भी मौके से सबूत जुटा रही है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस के मुताबिक, जेब से मिले कथित सुसाइड नोट में अखिलेश ने दावा किया है कि उसे अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक था। उसने यह भी लिखा है कि उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। नोट में उसने अपने माता-पिता से बच्चों की देखभाल करने की अपील की है और कुछ निजी जानकारियां भी लिखी हैं।
हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि नोट में लिखी बातों की स्वतंत्र रूप से जांच की जाएगी और इन्हें अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। जांच अधिकारी सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के साथ पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य सबूतों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।






