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इंदौर के ‘डांसिंग कॉप’ रंजीत सिंह का डिमोशन, प्रधान आरक्षक से बनाए गए सिपाही, सोशल मीडिया चैट बनी कार्रवाई की वजह

Reported by:Shakil Ansari|Edited by:Ankita Chourdia
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इंदौर के मशहूर 'डांसिंग कॉप' रंजीत सिंह पर विभागीय कार्रवाई हुई है। सोशल मीडिया पर एक मामले की जांच के बाद उन्हें प्रधान आरक्षक के पद से हटाकर आरक्षक (सिपाही) बना दिया गया है। यह कार्रवाई अनुशासनहीनता के चलते की गई है।
इंदौर के ‘डांसिंग कॉप’ रंजीत सिंह का डिमोशन, प्रधान आरक्षक से बनाए गए सिपाही, सोशल मीडिया चैट बनी कार्रवाई की वजह

इंदौर: अपने अनोखे डांसिंग स्टाइल से ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले इंदौर के चर्चित पुलिसकर्मी रंजीत सिंह पर विभागीय गाज गिरी है। एक अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) के पद से पदावनत कर आरक्षक (कांस्टेबल) बना दिया गया है। यह फैसला DCP हेडक्वार्टर द्वारा एक विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया गया है।

रंजीत सिंह सोशल मीडिया पर अपने डांस वीडियो को लेकर काफी लोकप्रिय हुए थे, जिसके बाद उन्हें ‘डांसिंग सुपरकॉप’ के नाम से पहचाना जाने लगा। कुछ साल पहले ही उन्हें उनके काम को देखते हुए प्रधान आरक्षक का पद दिया गया था।

सोशल मीडिया चैट बनी कार्रवाई की वजह

पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार, रंजीत सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर हुई कुछ चैटिंग को लेकर शिकायत मिली थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने एक जांच कमेटी का गठन किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर रंजीत सिंह को अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

अधिकारी ने की पुष्टि

एडिशनल DCP राजेश दंडोतिया ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रंजीत सिंह के खिलाफ विभागीय जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और उन्हें प्रधान आरक्षक से आरक्षक के पद पर पदावनत किया गया है।

गौरतलब है कि रंजीत सिंह अपने डांस मूव्स के कारण न केवल इंदौर में बल्कि देश भर में मशहूर हो गए थे। हालांकि, इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस विभाग में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, चाहे संबंधित कर्मी कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो।