इंदौर: मध्यप्रदेश यादव अहिर सेना की रविवार यानी 2 फरवरी को मीटिंग हुई जिसमें कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। मीटिंग में यादव अहिर सेना की इंदौर शहर की अध्यक्ष दीपिका यादव, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव समेत कार्यकारिणी मौजूंद रहीं। मीटिंग में यादव समाज की महिलाओं पर फोकस किया गया।यादव अहिर सेना ने महिला दिवस पर फाग उत्सव मनाने और किसी स्थान पर घूमने जाने को लेकर चर्चा हुई। समाज कि महिलाओं के अलावा अन्य कोई महिला पर अत्याचार होता हैं तो यादव अहिर सेना की महिलाओं द्वारा उस महिला को न्याय दिलया जाएगा। इतना ही नहीं यादव अहिर सेना की तरफ से य भी कहा गया की हमारे द्वारा जो भी कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे उसमें समाज कि महिलाओं को यदि कोई वस्तु सेल करना है तो वह स्वयं का स्टॉल लगा सकती सकती हैं। इस दौरान मीटिंग में नियुक्ति पत्र वितरण किए गए। मीटिंग में ये भी हुआ की महीने में एक बार महिला कार्यकारिणी की मीटिंग रखी जाएगी।
मध्यप्रदेश यादव अहिर सेना की अहम मीटिंग, महिला दिवस पर फाग उत्सव मनाने की है तैयारी
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






