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भारत में निपाह वायरस की दस्तक के बाद चीन अलर्ट, एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू

Written by:Gaurav Sharma
Published:
भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद चीन ने अपने एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी है। भारत समेत प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की गहन स्वास्थ्य जांच की जा रही है। हालांकि, चीन ने स्पष्ट किया है कि उसके देश में अब तक निपाह का कोई मामला सामने नहीं आया है।
भारत में निपाह वायरस की दस्तक के बाद चीन अलर्ट, एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू

नई दिल्ली: भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद अब चीन में भी इसको लेकर हलचल तेज हो गई है। चीन ने एहतियाती कदम उठाते हुए अपने सभी एयरपोर्ट पर उन देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है, जहां निपाह वायरस का प्रकोप देखा गया है। इसमें भारत से जाने वाली उड़ानें भी शामिल हैं।

बीजिंग पहुंचे कुछ भारतीय यात्रियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य अधिकारी लोगों के स्वैब सैंपल ले रहे हैं। हालांकि, चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण एवं रोकथाम प्रशासन ने मंगलवार को साफ किया कि देश के भीतर निपाह वायरस का कोई भी मामला नहीं मिला है और यह कदम केवल सावधानी के तौर पर उठाया गया है।

चीन को संक्रमण का खतरा कितना?

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का मानना है कि भारत में मौजूदा निपाह का प्रकोप चीन के लिए अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रकोप मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में है, जिसकी सीधी जमीनी सीमा चीन से नहीं लगती। इसके बावजूद, विदेश से आने वाले मामलों के जोखिम को खारिज नहीं किया जा सकता, इसलिए रोकथाम के उपायों को मजबूत करना जरूरी है। चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने जोखिम का मूल्यांकन शुरू कर दिया है और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ परीक्षण क्षमताओं को भी बढ़ाया है।

क्या है निपाह वायरस और कैसे फैलता है?

निपाह वायरस (NiV) एक जूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसका मुख्य वाहक फ्रूट बैट यानी चमगादड़ को माना जाता है। यह Paramyxoviridae परिवार का वायरस है। इसकी पहचान पहली बार 1998-99 में मलेशिया में हुई थी, जहां यह सूअरों के माध्यम से इंसानों में फैला था। इसका संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों के मूत्र, लार या उनके खाए हुए दूषित फलों से फैलता है। इसके अलावा, यह संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से भी एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है।

कितना खतरनाक है यह वायरस?

शेन्ज़ेन के थर्ड पीपुल्स हॉस्पिटल के प्रमुख लू होंग्झौ के अनुसार, इस वायरस में बार-बार फैलने की क्षमता है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक है।

“वायरस में बार-बार प्रकोप होने की मजबूत क्षमता है और इसकी मृत्यु दर बहुत अधिक है।”- लू होंग्झौ, प्रमुख, थर्ड पीपुल्स हॉस्पिटल, शेन्ज़ेन

यह वायरस मुख्य रूप से श्वसन तंत्र और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और चेतना में कमी शामिल है। आमतौर पर संक्रमण के 3 से 14 दिनों के बाद लक्षण दिखाई देते हैं। कई एशियाई देश जैसे थाईलैंड, नेपाल, मलेशिया और सिंगापुर ने भी भारत में मामलों के बाद अपने हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी है।