ईरान में दो हफ्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों की जानकारी दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करती है, तो ट्रंप सैन्य कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।
इस बीच, ईरान ने किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को लेकर अमेरिका और इजरायल को सीधे तौर पर सख्त चेतावनी दी है। वहीं, विरोध प्रदर्शनों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ट्रंप बोले- अमेरिका मदद को तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। उन्होंने शनिवार को लिखा, “ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।” इस बयान के बाद ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं।
ईरान ने दी सीधी धमकी
अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने रविवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने प्रदर्शनों को लेकर ईरान पर हमला किया, तो अमेरिकी सेना और इजरायल दोनों ईरान के निशाने पर होंगे। यह पहली बार है जब ईरानी नेतृत्व ने किसी जवाबी कार्रवाई में इजरायल को भी सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात कही है।
“अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान पर हमला किया, तो दोनों को सख्ती से जवाब देंगे।” — मोहम्मद बागेर कालिबाफ, स्पीकर, ईरानी संसद
प्रदर्शनों में 217 लोगों की मौत का दावा
दूसरी तरफ, ईरान में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से दावा किया है कि इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। वहीं, न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ और सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है।
‘अमेरिका-इजरायल भड़का रहे दंगे’
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने देश में अशांति के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने रविवार को कहा कि ये दोनों देश ईरान में दंगे भड़काकर अराजकता फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम लोगों की समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन दंगाइयों को पूरे समाज को खत्म करने की इजाजत नहीं दे सकते।” उन्होंने ईरान के लोगों से दंगाइयों और आतंकवादियों से दूर रहने की अपील की।
इजरायल भी हाई अलर्ट पर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल भी हाई अलर्ट पर है। रॉयटर्स ने इजराइली सूत्रों के हवाले से बताया है कि हालात पर नजर रखते हुए इजराइली सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान के हालात पर चर्चा की संभावना जताई गई है।





