ईरान में सरकार के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन अब और विकराल रूप लेता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रदर्शन में अब तक 217 लोगों की जान जा चुकी है। टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से जानकारी दी है कि राजधानी के सिर्फ कुछ बड़े अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। ज्यादातर मौतों का कारण गोली लगना बताया गया है। गुरुवार रात प्रदर्शन तेज होने पर सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर गोलीबारी की थी। प्रदर्शनकारियों पर लगातार सुरक्षा बलों की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
वहीं सरकार की ओर से रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी के माध्यम से चेतावनी दी है कि माता-पिता अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें। अगर इस प्रदर्शन में उन्हें गोली लगती है तो इसकी शिकायत बाद में नहीं की जानी चाहिए।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चेतावनी दी गई थी
वहीं एंटी राइट्स पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बल फिलहाल भ्रम में हैं। कोई भी यह नहीं जानता कि आगे क्या होने वाला है। शुक्रवार को सामने आई खूनी तस्वीरों और सख्त बयानों से साफ हो गया है कि अब पूरी ताकत का इस्तेमाल किया जा रहा है। दरअसल इससे पहले सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया गया था और इंटरनेट व फोन सर्विस बंद कर दी गई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भी चेतावनी दी गई थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग किया गया और उनकी मौत हुई तो ईरानी सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
जानिए क्या है पूरा मामला?
वहीं रिपोर्ट्स की मानें तो अब प्रदर्शन मध्यम वर्ग के इलाकों में भी फैल चुका है। ऐसे में सरकार अब इन प्रदर्शनकारियों पर भी सख्त कदम उठा सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या और भी बढ़ सकती है। बता दें कि ईरान में हो रहे इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण आर्थिक बदहाली है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। यह गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर पहुंच गई थी, जो ईरानी मुद्रा का अब तक का सबसे निचला स्तर है। ईरान में महंगाई चरम पर है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि दवाओं की कीमतें भी 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा साल 2026 के बजट में 62 प्रतिशत टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे आम लोगों में और नाराजगी बढ़ गई है।





