नेपाल को 35 साल की उम्र में अपना सबसे युवा प्रधानमंत्री मिल गया है। शुक्रवार को रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। उनकी ताजपोशी नेपाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है। 35 वर्षीय बालेंद्र शाह नेपाल के राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से आते हैं और यह पद संभालने वाले देश के सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। वह मधेश क्षेत्र से शीर्ष कार्यकारी पद संभालने वाले पहले व्यक्ति भी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भेजा बधाई संदेश
उनकी नियुक्ति पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा है कि वह दोनों देशों के आपसी फायदे के लिए भारत-नेपाल संबंधों को और मजबूत करने के लिए बालेंद्र शाह के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश में बालेंद्र शाह को बधाई देते हुए लिखा, ‘नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर बालेंद्र शाह को हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में जताए गए भरोसे को दर्शाती है। मैं हमारे दोनों देशों की जनता के आपसी फायदे के लिए भारत-नेपाल की दोस्ती और सहयोग को और भी ऊंचाइयों पर ले जाने हेतु आपके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हूं।’
युवा विरोध प्रदर्शनों ने बदली देश की राजनीति की दिशा
बालेंद्र शाह का प्रधानमंत्री बनना ऐसे समय में हुआ है, जब लगभग छह महीने पहले के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार का पतन हो गया था। ओली सरकार को एक युवा पीढ़ी के जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद सत्ता से हटाया गया था। इस घटनाक्रम ने देश में एक नए राजनीतिक नेतृत्व की मांग को तेज कर दिया था, और बालेंद्र शाह का उदय इसी का परिणाम है।
रैपर के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले बालेंद्र शाह का राजनीति में प्रवेश और फिर देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचना कई लोगों के लिए अप्रत्याशित रहा है। उनकी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने कम समय में ही जनता के बीच अपनी जगह बनाई है। उनकी युवावस्था और गैर-पारंपरिक पृष्ठभूमि को नेपाल की जनता में बदलाव और नए विचारों की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। मधेश क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री के रूप में, बालेंद्र शाह के सामने अपने क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होगी।
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का बालेंद्र शाह को बधाई देना और संबंधों को मजबूत करने की बात कहना दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह देखना अहम होगा कि बालेंद्र शाह के नेतृत्व में नेपाल की राजनीति और भारत-नेपाल संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर बालेंद्र शाह जी को हार्दिक बधाई!
आपका कार्यभार संभालना नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में भरोसे को जताता है। मुझे विश्वास है कि हम मिलकर भारत-नेपाल की मित्रता और सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे, जो दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 27, 2026






