खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता पर मंडराते खतरे को लेकर दुनिया के 22 देशों ने एकजुट होकर ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अगुवाई में इन देशों ने एक साझा बयान जारी किया है, जिसमें ईरान द्वारा हाल ही में किए गए हमलों की पुरजोर निंदा की गई है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरानी बलों द्वारा वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और समुद्री मार्गों को बाधित करने की कोशिशों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा खतरा
साझा बयान में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि ईरान निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों, तेल और गैस प्रतिष्ठानों के साथ-साथ अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोई भी कोशिश सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा खतरा है।
बयान में कहा गया है, “अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूल सिद्धांत है और इसका हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए। ईरान की गतिविधियां इस सिद्धांत का सीधा उल्लंघन हैं।”
ईरान से तत्काल कार्रवाई रोकने की अपील
इन 22 देशों ने ईरान से अपनी सभी धमकी भरी गतिविधियों को तुरंत रोकने का आह्वान किया है। इसमें समुद्र में माइंस बिछाना, ड्रोन और मिसाइल से हमले करना तथा कमर्शियल शिपिंग में बाधा डालना शामिल है।
बयान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, जो समुद्री सुरक्षा से संबंधित है। नेताओं ने चेतावनी दी कि इन घटनाओं का असर केवल खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव दुनिया के उन सभी देशों पर पड़ेगा जो ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर निर्भर हैं।
समन्वित प्रयासों की तैयारी
संकट से निपटने के लिए इन देशों ने अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की है। संयुक्त बयान में उल्लेख किया गया है कि सभी संबंधित देश समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए समन्वित प्रयास करने को तैयार हैं।
इसके तहत जरूरत पड़ने पर प्रभावित देशों की मदद करने और वैश्विक बाजार में स्थिरता लाने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जारी करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। इस बयान का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।







