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शेख हसीना ने बांग्लादेश चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल, मतदान केंद्रों पर कब्जा और धांधली के लगाए आरोप, यूनुस सरकार से की 5 बड़ी मांगें

Written by:Gaurav Sharma
Published:
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 'हास्यास्पद' और 'सुनियोजित नाटक' करार दिया है। 50% से भी कम मतदान का हवाला देते हुए उन्होंने चुनाव रद्द करने और मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे समेत पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं।
शेख हसीना ने बांग्लादेश चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल, मतदान केंद्रों पर कब्जा और धांधली के लगाए आरोप, यूनुस सरकार से की 5 बड़ी मांगें

ढाका: बांग्लादेश में गुरुवार, 12 फरवरी को संपन्न हुए आम चुनावों को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इस चुनाव को एक ‘हास्यास्पद और सुनियोजित नाटक’ बताते हुए दावा किया कि देश की जनता ने इसे बड़े पैमाने पर नकार दिया है। यह चुनाव 2024 में शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने और उनके देश छोड़ने के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव था, जिसमें 50 प्रतिशत से भी कम मतदान दर्ज किया गया।

शेख हसीना ने एक बयान जारी कर कहा कि मोहम्मद यूनुस ने अवैध और असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी लीग की गैरमौजूदगी में हुए इस छलपूर्ण और मतदाता-विहीन चुनाव ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की घोर अवहेलना की है।

मतदान केंद्रों पर कब्जे और धांधली के गंभीर आरोप

शेख हसीना ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह नाटक 11 फरवरी की शाम से ही शुरू हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया, “मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोटों की खरीद-फरोख्त, पैसे बांटना, मतपत्रों पर जबरन मुहर लगाना और एजेंटों से परिणाम पुस्तिकाओं पर हस्ताक्षर कराना जैसी घटनाएं हुईं।”

उन्होंने आगे कहा कि 12 फरवरी को मतदान के दिन देश के अधिकांश मतदान केंद्र खाली पड़े रहे, खासकर राजधानी ढाका और अन्य प्रमुख शहरी इलाकों में वोटर्स न के बराबर थे। चुनाव आयोग के अपने आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि मतदान शुरू होने के तीन घंटे बाद सुबह 11 बजे तक केवल 14.96% मतदान हुआ था, जो साबित करता है कि जनता ने इस चुनाव को अस्वीकार कर दिया।

“मैं सभी नागरिकों, जिनमें माताएं, बहनें और अल्पसंख्यक समुदाय शामिल हैं, का इस हत्यारे-फासीवादी यूनुस के हास्यास्पद चुनाव को अस्वीकार करने के लिए आभार जताती हूं।”- शेख हसीना

‘लोगों ने धमकी के बावजूद फर्जी चुनाव को नकारा’

अपने संदेश में, अपदस्थ प्रधानमंत्री ने दावा किया कि चुनाव से पहले अवामी लीग के समर्थकों, मतदाताओं और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को डराया-धमकाया गया। उन्होंने कहा कि लगातार हमलों, गिरफ्तारियों और भय के माहौल के बावजूद लोगों ने इस फर्जी चुनाव का बहिष्कार किया, जिसका नतीजा खाली मतदान केंद्रों के रूप में देखने को मिला।

इसके अलावा, उन्होंने वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि, खासकर ढाका शहर में, को लेकर भी चिंता जताई और इसे संदिग्ध करार देते हुए गंभीर सवाल खड़े किए।

सरकार के सामने रखीं 5 प्रमुख मांगें

शेख हसीना ने मौजूदा सरकार के सामने अपनी पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:

1. इस मतदाता-विहीन, अवैध और असंवैधानिक चुनाव को तत्काल रद्द किया जाए।
2. ‘हत्यारे-फासीवादी’ यूनुस को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
3. शिक्षकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों सहित सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी झूठे मामले वापस लिए जाएं।
4. अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाए जाएं।
5. जनता के मताधिकार को बहाल करने के लिए एक निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के तहत स्वतंत्र और समावेशी चुनाव कराए जाएं।

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