मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसपर हस्ताक्षर कर दिए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक फ्रांस के वर्साय पैलेस में G7 शिखर सम्मेलन के बाद डोनाल्ड ट्रंप और इमैनुएल मैक्रों का रात्रि भोज रखा गया। इसी दौरान ट्रंप ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए इस हस्ताक्षर के संबंध में मा की समाचार पोर्टल भी पुष्टि कर चुके हैं। उधर ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने भी कहा है कि हस्ताक्षर के साथ इस समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। अब समझौते के कार्यान्वयन का परीक्षण करने का समय है।
लेबनान और होर्मुज समझौते पर बातचीत जारी
बता दें कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने की योजना थी लेकिन इसके पहले भी हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। हालांकि, जिनेवा में होने वाली बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। ये बताया जा रहा है कि जलडमरूमध्य समझौते का हिस्सा है और इसमें आवागमन से संबंधित सेवा शुल्क को शामिल कर लिया गया है।
इस समझौते में क्या-क्या
14 सूत्र समझौते के तहत ईरान तत्काल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए कदम उठाएगा। इसके बदले उसे पर रोक तेल बेचने की अनुमति मिलेगी।
ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। उसने स्वीकार किया है कि वो इसका विकास भी नहीं करेगा।
समझौते में साफ कहा गया है कि युद्ध के बाद ईरान को पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर मिलेंगे।
वहीं अमेरिका, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अंतिम समझौते के पूरे होने के बाद तेहरान पर लगाए गए अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएगा।
अमेरिका और ईरान और उनके सहयोगी सभी मोर्चे पर सैन्य अभियान बंद करेंगे।
अमेरिका और ईरान एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और एक दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे।
60 दिन की लंबी वार्ता के दौरान अंतिम समझौता करने के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध होंगे। अगर इन्हें लगता है तो यह समय बढ़ाया जा सकता है।
माना जा रहा महत्वपूर्ण कदम
ईरान और अमेरिका के बीच मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने में इस समझौते को बड़ा कदम माना जा रहा है। अब इसे व्यावहारिक कार्यान्वयन में कैसे लागू किया जाए। दोनों हो देश इसपर काम कर रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में शांति स्थापित की जा सकेगी।






