जबलपुर के भेड़ाघाट में 4 महीने बाद लौटी रौनक, शुरू हुई बोटिंग, नावों से संगमरमर की चट्टानों के बीच कर सकते हैं सैर

जबलपुर के भेड़ाघाट में मानसून के बाद एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ने लगी है। नर्मदा नदी का जलस्तर और बहाव सामान्य होने के बाद यहां बोटिंग शुरू कर दी गई है। पर्यटक अब संगमरमर की ऊंची चट्टानों के बीच नाव से सैर कर सकते हैं।
जबलपुर के भेड़ाघाट में 4 महीने बाद लौटी रौनक, शुरू हुई बोटिंग, 30 नावों से संगमरमर की चट्टानों के बीच कर सकते हैं सैर

जबलपुर का मशहूर पर्यटन स्थल भेड़ाघाट मानसून के बाद फिर से पर्यटकों से गुलजार होने लगा है। दरअसल नर्मदा नदी का जलस्तर कम होने के बाद 12 अक्टूबर से पंचवटी में नौकायन शुरू कर दिया गया है। करीब 30 नावों के साथ कुछ मोटरबोट भी पर्यटकों को सैर करा रही हैं। धुआंधार जलप्रपात, संगमरमर की ऊंची चट्टानें, रोपवे और ग्लास ब्रिज यहां आने वालों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि पर्यटन शुरू होने के साथ सुरक्षा इंतजामों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

दरअसल भेड़ाघाट में मानसून के दौरान करीब चार महीने तक पर्यटन गतिविधियां बंद रहती हैं। बारिश के समय नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने और पानी की तेज धारा के कारण यहां घूमना जोखिम भरा हो जाता है। इसी वजह से प्रशासन पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा देता है। अब पानी कम होने के बाद घाट पर फिर से चहल-पहल बढ़ने लगी है। पर्यटक नावों में बैठकर संगमरमर की ऊंची-ऊंची चट्टानों के बीच से गुजर रहे हैं और नर्मदा के खूबसूरत नजारों का आनंद ले रहे हैं।

संगमरमर की चट्टानों के बीच घूम रहे पर्यटक

भेड़ाघाट के पंचवटी घाट पर 12 अक्टूबर से नौकायन शुरू कर दिया गया है। यहां आने वाले पर्यटक नाव में बैठकर नर्मदा नदी के बीच से गुजरते हैं और दोनों तरफ खड़ी संगमरमर की ऊंची चट्टानों को करीब से देखते हैं। इन चट्टानों के अलग-अलग आकार और रंग इस जगह को खास बनाते हैं। नदी के बहाव और चट्टानों के बीच से गुजरने का अनुभव पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण है। फिलहाल यहां करीब 30 नावें पर्यटकों को सैर करा रही हैं। इनके अलावा कुछ मोटरबोट भी चलाई जा रही हैं। मानसून के दौरान बंद रहने वाली पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू होने से घाट पर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। दुकानदार भी अपनी दुकानें सजाने लगे हैं। भेड़ाघाट में घूमने आने वाले लोग नाव की सैर के साथ आसपास के प्राकृतिक नजारों का भी आनंद लेते हैं। हालांकि यहां नौकायन नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए पर्यटकों को नाविकों और प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

रोपवे और ग्लास ब्रिज भी हैं आकर्षण

बता दें कि भेड़ाघाट की पहचान धुआंधार जलप्रपात से है। यहां नर्मदा नदी का पानी चट्टानों के बीच से तेज गति से नीचे गिरता है। पानी की छोटी-छोटी बूंदें हवा में फैलकर धुंध जैसा माहौल बना देती हैं। इसी वजह से इस जलप्रपात को धुआंधार नाम मिला है। पानी गिरने की तेज आवाज और आसपास उठती धुंध यहां आने वाले पर्यटकों को अलग अनुभव देती है। भेड़ाघाट में घूमने के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके जरिए पर्यटक नर्मदा नदी और आसपास के प्राकृतिक नजारों को ऊंचाई से देख सकते हैं। यहां बना ग्लास ब्रिज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है। कांच के फर्श पर खड़े होकर नीचे बहती नदी को देखना पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव होता है।

भेड़ाघाट में सुरक्षा के लिए गोताखोर तैनात

दरअसल पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू होने के साथ भेड़ाघाट में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नदी के आसपास कुछ जगहों पर पानी का बहाव तेज हो सकता है इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा जरूरी है। भेड़ाघाट नगर पंचायत के अध्यक्ष चतुर सिंह ने बताया कि 12 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए स्थल दोबारा खोल दिया गया है और सुरक्षा के लिए गोताखोर तैनात किए गए हैं। चतुर सिंह के मुताबिक सभी नाविकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पर्यटक को बिना लाइफ जैकेट के नाव में न बैठाया जाए। उन्होंने बताया कि बरगी में हुए क्रूज हादसे के बाद भेड़ाघाट में भी अलर्ट किया गया है। निगरानी के लिए नगर पंचायत की टीम पुलिस के साथ घाट और धुआंधार क्षेत्र में तैनात रहती है।

वंदना झां, जबलपुर

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
Follow Us :GoogleNews
जबलपुर के भेड़ाघाट में 4 महीने बाद लौटी रौनक, शुरू हुई बोटिंग, नावों से संगमरमर की चट्टानों के बीच कर सकते हैं सैर