जबलपुर। जबलपुर में बीते 10 दिनों से एक समुदाय के लोग “नो सीएए-नो एनआरसी” के विरोध में उतरे हुए है। शहर के गाजी बाग में दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गई जब प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष को धक्का देकर वहाँ से भगा दिया। जानकारी के मुताबिक सीएए कानून को लेकर बीते कुछ दिनों से शहर के गाजी बाग में महिलाएं और पुरुष बैठे हुए है।आज दोपहर इसी जगह भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष अकील अंसारी वहाँ पहुँच कर लोगो से समर्थन में बात करने लगे जिसको लेकर वहाँ मौजूद लोग नाराज हो गए और अंसारी को नो सीएए का पोस्टर पकड़ने को कहा और जब उसने पोस्टर नही पकड़ा तो जबरन उसे धक्का देकर वहाँ से भगा दिया।हम आपको बता दे कि पूरे देश मे इन दिनों सीएए को लेकर कही समर्थन चल रहा है तो कही इसका विरोध।यही हालात जबलपुर में भी बने हुए है।
सीएए का समर्थन कर रहे भाजपा नेता को प्रदर्शनकारियों ने भगाया
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






