जबलपुर|
आंध्रप्रदेश की तर्ज पर जबलपुर को प्रदेश की न्यायिक राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर शहर के विभिन्न संगठन एकजुट हो गए हैं। जबलपुर को न्यायिक राजधानी बनाने के समर्थन में नर्मदा जयंती एक फरवरी से पूरे महाकौशल में अभियान की शुरुआत की जाएगी। आम नागरिक मित्र फाउंडेशन के बैनर तले एकजुट हुए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का तर्क है कि प्रदेश की राजधानी बनने के बदले जबलपुर को हाईकोर्ट मिला था लेकिन न्यायालय से जुड़े आयोग, ट्रिब्यूनल और बोर्ड जैसी संस्थाओं दूसरे शहरों में स्थापित कर दिया गया। इससे जबलपुर हाईकोर्ट का मुख्यालय होते हुए भी प्रदेश की न्यायिक राजधानी नहीं बन सका। गौरतलब है कि 20 जनवरी को आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में विकेंद्रीकरण और सभी क्षेत्रों के समान विकास बिल 2020 को विधानसभा में पारित कर कार्यकारी, विधि और न्यायिक ऐसी तीन राजधानियां बनाई है। आंध्र प्रदेश सरकार ने इसका उद्देश्य बताया है कि इन तीन राजधानियों से प्रदेश के सभी क्षेत्रों को महत्व मिलेगा। इसी को आधार मानते हुए आम नागरिक मित्र फाउंडेशन, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, पेंशनर्स समाज, सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, किसान समिति और अन्य संगठनों की तरफ से इस मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, हाई कोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन और जिला न्यायालय बार एसोसिएशन को पत्र भी लिखा गया है।
जबलपुर को प्रदेश की न्यायिक राजधानी घोषित करने की मांग
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






