जबलपुर जिला अदालत के बाहर आज शाम उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई, जब कोर्ट नंबर दो के बाहर तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके के बाद वकील और वहां पर मौजूद स्थानीय लोगों के बीच अफरा तफरी मच गई। जानकारी मिलते ही ओमती थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और, घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इसे  साजिश और शरारत दोनों ही मानकर जांच में जुट गई है। अच्छी बात यह है कि इस धमाके में कोई भी घायल नहीं हुआ है। पुलिस को मौके से बम के अवशेष और माचिस से मिली है।

जानकारी के मुताबिक आज शाम तकरीबन 5 से 5:15 के बीच कोर्ट का अंतिम काम हो रहा था इस दौरान सीजेएम कोर्ट नंबर 2 के बाहर तेज धमाका हुआ। कोर्ट में मौजूद वकीलों ने इसे बड़ी घटना मानी और फौरन कोर्ट से बाहर निकलने लगे। धमाके की आवाज सुनकर ओमती थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस बम का धमाका हुआ है वह पाइप बम बताया जा रहा है।

लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग 

घटना को लेकर जिला अवध अधिवक्ता संघ ने विरोध जताते हुए इसे अदालत की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया है। वकीलों ने कोर्ट में मौजूद सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही को लेकर उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। पुलिस ने बम के अवशेषों को बरामद करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह भी हो सकता है कि किसी व्यक्ति की यहां पर मौजूद वकील से दुश्मनी रही हो जिसके चलते उन पर हमला करने की यह साजिश हो सकती है।

जज और वकीलों की सुरक्षा पर सवाल 

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा का कहना है कि आज कोर्ट में जो घटना हुई है वह निश्चित रूप से न सिर्फ जज और वकीलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है बल्कि यह भी दर्शा रहा है कि कोर्ट परिसर के भीतर बे रोक टोक कोई भी अंदर आ रहा है। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि कोर्ट के हर गेट पर जब सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस मौजूद रहती है तो फिर कोई कैसे बम लेकर कोर्ट के अंदर घुसा और फिर धमाका किया। उन्होंने कहा कि भले ही छोटे बम का धमाका हुआ है लेकिन आज की घटना यह बता रही है कि कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक हुई है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि पुलिस को यह है अब सुनिश्चित करने की जरूरत है कि दोबारा कभी कोर्ट में इस तरह की घटना ना हो।

पुलिस कर रही मामले की जांच 

अधिवक्ताओं ने बताया कि कुछ दिनों पहले हाईकोर्ट में भी इसी तरह की सुरक्षा को लेकर एक घटना हुई थी जिसमें एक व्यक्ति भ्रूण लेकर हाईकोर्ट के अंदर घुस गया था। मामले की गंभीरता को समझते हुए एसपी ने चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया था, इसके कुछ दिनों बाद ही जिला कोर्ट में इस तरह की धमाके होना, यह बता रहा है कि ना हीं हाईकोर्ट में सुरक्षा के इंतजाम हैं और ना ही जिला कोर्ट में, बहरहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है।