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मध्य प्रदेश में आज मेगा लोक अदालत का आयोजन, 5 लाख से ज्यादा लंबित मामलों के निपटारे के लिए 1388 खंडपीठें करेगी सुनवाई

Written by:Rishabh Namdev
Published:
मध्य प्रदेश में अदालतों में लंबित लाखों मामलों के बोझ को कम करने के लिए आज (शनिवार) मेगा लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश भर में गठित 1388 खंडपीठें 5 लाख से अधिक दीवानी, आपराधिक, ट्रैफिक चालान और कर संबंधी मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करेंगी।
मध्य प्रदेश में आज मेगा लोक अदालत का आयोजन, 5 लाख से ज्यादा लंबित मामलों के निपटारे के लिए 1388 खंडपीठें करेगी सुनवाई

मध्य प्रदेश की अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करने और आम लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को प्रदेशव्यापी मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशों पर हो रही इस पहल के तहत 5 लाख से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की कमी के चलते 4 लाख 80 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। कुछ ऐसा ही हाल निचली अदालतों का भी है, जहां लाखों मामले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इन लंबित मामलों के अंबार को कम करने के लिए समय-समय पर लोक अदालतों का सहारा लिया जाता है।

1388 खंडपीठें, साढ़े पांच लाख से ज्यादा मामले

इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे प्रदेश में कुल 1388 खंडपीठों (Benches) का गठन किया गया है। इनमें उच्च न्यायालय की तीन मुख्य पीठों में 8 खंडपीठ और जिला एवं तालुका स्तर पर 1380 खंडपीठें शामिल हैं। इन सभी पीठों के समक्ष लगभग 2 लाख 30 हजार से अधिक लंबित प्रकरणों और 3 लाख 20 हजार से ज्यादा प्री-लिटिगेशन मामलों को विचार के लिए रखा गया है।

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव ने बताया कि मामलों का निराकरण सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया जाता है।

“नेशनल लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय से लेकर जिला न्यायालयों, तालुका न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, कुटुंब न्यायालयों व अन्य न्यायालयों में किया जाएगा। इसमें कोर्ट में लंबित दीवानी और आपराधिक शमनीय प्रकरणों के साथ ही ट्रैफिक चालान, बैंक, विद्युत, श्रम, जलकर और संपत्तिकर से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निराकरण किया जाएगा।” — सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण

नागरिकों को मिलेगी टैक्स और बिल में छूट

इस लोक अदालत का एक बड़ा फायदा आम नागरिकों को भी मिल रहा है। मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत संपत्ति कर और जलकर से जुड़े मामलों में विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, विद्युत अधिनियम के अंतर्गत लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों में भी उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

लोक अदालत की सबसे खास बात यह है कि इसमें दोनों पक्षों की सहमति से फैसला होता है, जिसके बाद मामले की कहीं और अपील नहीं की जा सकती। इससे विवाद का स्थायी रूप से अंत हो जाता है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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