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यूट्यूबर मनीष पटेल को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, ब्राह्मण युवतियों पर आपत्तिजनक वीडियो मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Written by:Banshika Sharma
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रीवा के यूट्यूबर मनीष कुमार पटेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पटेल पर ब्राह्मण समाज की युवतियों के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोप है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी चोरी के पांच मामले लंबित हैं और वह फिलहाल फरार है।
यूट्यूबर मनीष पटेल को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, ब्राह्मण युवतियों पर आपत्तिजनक वीडियो मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज

ब्राह्मण समाज की युवतियों पर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने के आरोपी यूट्यूबर मनीष कुमार पटेल को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए पटेल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। आरोपी के खिलाफ पहले से ही चोरी के पांच मामले लंबित होने की दलील को कोर्ट ने गंभीरता से लिया।

मामला रीवा जिले के लौर थाना क्षेत्र के खुटहा गांव के निवासी मनीष कुमार पटेल से जुड़ा है। आरोप है कि उसने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक वीडियो बनाया और उसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम व फेसबुक पर पोस्ट किया। इस वीडियो में ब्राह्मण समाज और विशेषकर समाज की युवतियों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं, जिसके वायरल होते ही जिले में ब्राह्मण समाज के बीच भारी आक्रोश फैल गया।

निचली अदालत से भी खारिज हो चुकी है याचिका

गिरफ्तारी से बचने के लिए मनीष पटेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले उसकी जमानत याचिका रीवा के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भी खारिज कर दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में इस बात का जिक्र किया था कि आरोपी पहले भी ब्राह्मण समाज के धार्मिक कर्मकांडों पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर चुका है।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता रघुवर प्रजापति ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ चोरी के पांच मामले पहले से लंबित हैं। ऐसे में उसे अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल तिवारी ने भी जमानत का पुरजोर विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया।

क्या है पूरा मामला?

ईटौरा निवासी आशीष तिवारी की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में आरोपी मनीष पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(ए) और 353(2) के तहत केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो के माध्यम से जानबूझकर समाज की बेटियों की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।

विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पोस्ट के कुछ शब्द बदल दिए थे, लेकिन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई। ब्राह्मण समाज से जुड़े कई संगठनों ने इस मामले में प्रदर्शन कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। पुलिस का कहना है कि आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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