जबलपुर में डीजे संचालकों की मनमानी का मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले ही अपर मजिस्ट्रेट रविशंकर राय ने रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कोई भी डीजे न चलाने का निर्देश जारी किया था। इसके अलावा लाउड स्पीकर पर भी रोक लगाया गया था। इसके बाद भी मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना हो रही है। इन समस्याओं को लेकर सोमवार को समाजिक संगठन के लोगों ने सोमवार को अपर मजिस्ट्रेट से मुलाकात करके शिकायत पत्र सौंपा।
नागरिक उपभोक्ता मंच ने अपर मजिस्ट्रेट को शिकायत पत्र सौंपते हुए बताया कि जिले में 90% तक डीजे बिना अनुमति के बज रहे है। दुर्गात्सव में जगह-जगह पंडाल लगे हुए, जहां तेज आवाज में शोर हो रहा है। नागरिकों को परेशान हो रही है, बुजुर्ग और बच्चे सबसे आधिक प्रभावित हैं। मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे ने हवाला दिया कि हाल ही में बैतूल में डीजे के शोर से एक बच्चे की मौत हो गई थी।
सख्त कार्रवाई की मांग
मंच ने शिकायत पत्र सौंपते हुए डीजे की रोकथाम के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा सख्ती से कार्रवाई मांग की है। उनका कहना है कि यदि कोई आदेश की उल्लघंन करता है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और डीजे को जब्त किया जाए।
निगरानी समिति गठित करने की भी मांग
नागरिक उपभोक्ता मंच हर क्षेत्र में निगरानी समिति गठित करने और प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट पेश करने की मांग भी है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को हर क्षेत्र में जाकर ध्वनि डेसिबल का रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी करने की मांग भी मंच द्वारा की गई है।
डीजे को लेकर प्रशासन की कार्रवाई जारी
अपर मजिस्ट्रेट ने भी माना कि नागरिकों की शिकायत को गंभीर है और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बता दें कि डीजे को लेकर जिले भर में पुलिस और राजस्व अधिकारी नजर बनाए हुए है। बिना अनुमति के डीजे न बजाने को कहा गया है। ए़डीएम रविशंकर राय ने बताया कि आदेश का सख्ती से पालन सभी दुर्गा पंडाल के आयजोकों को करना होगा।
जिले के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की कार्रवाई पहले से देखी जा रही है। सिविल लाइन, कैंट, रांझी, मदनमहल, पनागर में डीजे जब्त किए गए हैं। एएसपी आयुष जाखड़ ने बताया कि देर रात शहर और 5 ग्रामीणों थानों में डीजे जब्त करने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि, “जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उन पर भी कार्रवाई होगी।”
जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट






