‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में बाघों की लगातार हो रही मौतों और शिकार के मामलों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई है। एक जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे द्वारा दायर इस याचिका में बाघों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
याचिका में चौंकाने वाले आंकड़े
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में एक साल के भीतर प्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई है। यह आंकड़ा ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ लॉन्च होने के बाद से किसी एक साल में हुई मौतों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। याचिका के अनुसार, बाघों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी का भी जिक्र
याचिका में बाघों के शिकार के पीछे अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के सक्रिय होने का भी दावा किया गया है। हाल ही में सिक्किम में गिरफ्तार हुए एक अंतरराष्ट्रीय तस्कर यांगचेन लखुंगपा का जिक्र करते हुए बताया गया कि पूछताछ में उसने खुलासा किया था। भारत में बाघों के शिकार के बाद उनके अंगों को नेपाल और चीन जैसे देशों में भेजा जाता है।
रेलवे ट्रैक बन रहा काल
याचिका में भोपाल के पास स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व का भी विशेष उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि यहां रेलवे ट्रैक पर कटने से 9 बाघों और 10 तेंदुओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है। याचिका में रेलवे ट्रैक के नीचे अंडरब्रिज नहीं बनाए जाने को भी चुनौती दी गई है, ताकि वन्यजीव सुरक्षित रूप से ट्रैक पार कर सकें। इन्हीं गंभीर दलीलों के आधार पर हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों से जवाब मांगा है।





