Hindi News

एसोसिएट प्रोफेसर की सीधी भर्ती को हाई कोर्ट में चुनौती, ESB को नोटिस जारी, 4 सप्ताह में मांगा जवाब

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
Last Updated:
अदालत ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश कर्मचारी मंडल के द्वारा की जा रही भर्ती उक्त याचिका के अंतिम परिणाम के आधीन रहेगी। कोर्ट ने मध्यप्रदेश कर्मचारी मंडल, भारतीय नर्सिंग काउन्सिल को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
एसोसिएट प्रोफेसर की सीधी भर्ती को हाई कोर्ट में चुनौती, ESB को नोटिस जारी, 4 सप्ताह में मांगा जवाब

नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में एसोसिएट प्रोफेसर की सीधी भर्ती को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। असिस्टेंट प्रोफेसर की ओर से दायर की गई हाईकोर्ट में कोर्ट को बताया गया कि सरकार आसंवैधानिक तरीके से सीधी भर्ती करते हुए पदोन्नति का रास्ता बंद कर रही है। मामले पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि एसोसिएट प्रोफेसरर के पद पर पदोन्नति हेतु असिसटेंट प्रोफ़ेसर पर कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है जिसमें अनुभव भी उल्लिखित है । वर्तमान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में लगभग 12 महिलायें असिसटेंट प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत है जिनके अनुसार उनके पास आवश्यक योग्यता एवं अहर्ता है परंतु मध्य प्रदेश शासन के द्वारा पदोन्नति ना करके उक्त पदों को अवैधानिक रूप से सीधी भर्ती से भरने का प्रयास किया जा रहा है।

एसोसिएट प्रोफेसर पद पर भर्ती को हाई कोर्ट में चुनौती

याचिकाकर्ता के वकील पंकज दुबे ने बताया कि पद 2024 में स्वीकृत होकर आए है। शासन के पास ऐसा कोई कारण नहीं है कि वे पदोन्नति की प्रक्रिया को पूर्ण ना करे। बता दें याचिककर्ता डॉक्टर प्रवीणा सूर्यवंशी, डॉक्टर श्वेता ठाकुर, डॉक्टर गायत्री वर्मा व अन्य द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर उक्त एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर की जा रही भर्ती को चुनौती दी गई।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से दिया गया ये तर्क 

याचिका पर सोमवार को जस्टिस विशाल धगत की कोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य शासन द्वारा मौखिक आपत्ति ली गई कि वे पदोनत्ति ना कर पाने की स्थिति में सीधी भर्ती कर सकते है, जिसके जवाब में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पंकज दुबे उनके साथी अजीत शुक्ला व सोनाली पांडे के द्वारा यह तर्क दिया गया कि पदोन्नति ना करने का कोई कारण बताया नहीं गया है जबकि याचिकाकर्ता योग्य है और उनसे कार्य लिया जा रहा है।

हाई कोर्ट ने दिए ये निर्देश 

दोनो पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश कर्मचारी मंडल के द्वारा की जा रही भर्ती उक्त याचिका के अंतिम परिणाम के आधीन रहेगी। कोर्ट ने मध्यप्रदेश कर्मचारी मंडल, भारतीय नर्सिंग काउन्सिल को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

संदीप कुमार की रिपोर्ट 

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews