Hindi News

OBC आरक्षण मामले में बड़ा अपडेट, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में किया संशोधन, 2 मामले किए रिकॉल

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
Last Updated:
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ट्रांसफर किये गए OBC आरक्षण से जुड़े 54 मामलों के आदेश में संशोधन हुआ है , अदालत ने आदेश संशोधित करते हुए दो मामले वापस बुलाये हैं अर्थात रिकाल किये है जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ही करेगी ।
OBC आरक्षण मामले में बड़ा अपडेट, सुप्रीम कोर्ट  ने अपने आदेश में किया संशोधन, 2 मामले किए रिकॉल

Supreme Court

मध्य प्रदेश से जुड़े OBC आरक्षण मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए OBC आरक्षण से जुड़े 2 मामले रिकॉल किये है, नयेना देश के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 87:13 के फार्मूले को चुनौती देने वाले मामले रिकॉल किये हैं वहीं 13% आरक्षण को होल्ड रखने पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा ये सुनवाई अप्रैल के दूसरे हफ्ते में होगी। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने ने 54 याचिकाएँ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट  ट्रांसफर की थी

ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कोर्ट में दलील देने वाले सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ओबीसी आरक्षण के प्रकरणों में 19 फरवरी 2026 को दिए आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए 54  प्रकरणों को मध्यप्र देश हाईकोर्ट वापस भेजा गया जिसमें से दो प्रकरण में अब सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। संशोधित आदेश में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ओबीसी आरक्षण के बकाया 52 प्रकरणों को जबलपुर हाई कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है।

मध्य प्रदेश शासन की ओर से ओबीसी आरक्षण के प्रकरणों में ओबीसी वर्ग का शासन की ओर से पक्ष रखने हेतु राज्यपाल द्वारा नियुक्त विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर में ओबीसी आरक्षण के बिचाराधीन सभी प्रकरणों को मध्य प्रदेश सरकार (महाधिवक्ता) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कराए गए थे, जो दो अलग-अलग बन्चों में अलग-अलग खंडपीठ के समक्ष पेंडिंग थे, जिनमें से लगभग एक दर्जन मामले जो जस्टिस नरसिम्हा एवं जस्टिस आलोक आराधे के समक्ष नियत थे, तथा जिनमें ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर द्वारा नियमित सुनवाई हेतु आवेदन दाखिल किए हैं थे उनमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिनांक 19 फरवरी 2026 को फाइनल आदेश पारित कर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस भेज दिए गए थे तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति से उक्त समस्त प्रकरणों को विशेष बेंच गठित कर 3 महीने के अंदर निराकृत करने के आदेश पारित किए गए थे।

19 फरवरी को दिए आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने किया संशोधन 

ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दीपक कुमार पटेल के नाम से एक रिव्यू याचिका MA/529/26 दाखिल की गई थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा खुले न्यायालय में 20 मार्च 2026 को विस्तृत सुनवाई करते हुए पूर्व में दिए अपने आदेश में संशोधन कर 52 प्रकरण जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ट्रांसफर कराए गए थे, उनको भी 20 मार्च के आदेश से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस भेज दिए गए हैं, तथा दो विशेष अनुमत याचिकाएं जो पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस की गई थी इसकी जानकारी 30 मार्च को वेबसाइड पर अपलोड की गई है।

ये दो मामले सुप्रीम कोर्ट ने किये रिकाल 

उक्त आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने दो एसएलपी जिनमें दीपक कुमार पटेल विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन एवं हरिशंकर बरोदिया विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन को अपने समक्ष सुनवाई हेतु रिकॉल कर लिए गए हैं, 19 फरवरी वाला शेष आदेश  यथावत रहेगा। ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कोर्ट में दलील देने वाले सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, वरुण ठाकुर ने पक्ष रखा उन समस्त मामलों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 02/04/2026 को सुनवाई नियत हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews