जबलपुर: जिले के सगड़ा-झपनी गांव के पास बरगी बांध की दाईं तट नहर का एक हिस्सा टूटने से अफरा-तफरी मच गई। घटना रविवार, दोपहर करीब 12 बजे की है, जिसके बाद नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
नहर टूटने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले ने सबसे पहले बरगी बांध से नहर में छोड़े जाने वाले पानी की निकासी को पूरी तरह से बंद करा दिया। इससे पानी के बहाव को नियंत्रित करने में मदद मिली। मौके पर जबलपुर के एसडीएम अभिषेक सिंह और बरगी बांध दाईं तट नहर की कार्यपालन यंत्री मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने उठाए तत्काल कदम
प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। जिस स्थान पर नहर टूटी है, उसके आगे के सभी गेट खोल दिए गए हैं, ताकि खेतों में जमा पानी तेजी से निकल सके। अधिकारियों के अनुसार, नहर से निकला पानी नरई नाला में जा रहा है, जो आगे जाकर एक नदी में मिल जाता है। इससे जलभराव की गंभीर स्थिति को टालने में मदद मिली है।
किसानों को मुआवजे का आश्वासन
नहर टूटने से खेतों में पानी भरने के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया है। एसडीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशों पर यह कार्रवाई की जा रही है।
“कलेक्टर के निर्देश पर नहर टूटने से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण किया जाएगा।”- अभिषेक सिंह, एसडीएम, जबलपुर
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। फिलहाल, नहर के टूटे हुए हिस्से की मरम्मत का काम भी जल्द शुरू किए जाने की उम्मीद है।





