झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने जीत दर्ज की। गुरुवार को दो राज्यों में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग हुई। इनमें झारखंड की दो सीटें और मिजोरम की एक सीट शामिल थी। झारखंड की इन दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि मिजोरम की एक सीट के लिए दो प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। वोटों की गिनती के बाद आए नतीजों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के एक उम्मीदवार को जीत मिली। इसके साथ ही, भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी भी विजयी घोषित हुए।
झारखंड में राज्यसभा चुनाव का मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से बैद्यनाथ राम ने ताल ठोकी थी। उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी, क्योंकि JMM के पास विधानसभा में 34 विधायकों का संख्या बल था, जबकि जीत के लिए मात्र 28 वोटों की आवश्यकता थी। असली टक्कर कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के बीच थी। कांग्रेस के पास अपने 16 विधायक थे और उसे जीत के लिए 12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत थी। कांग्रेस ने इन अतिरिक्त वोटों के लिए JMM के बचे हुए 6 वोटों, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 2 वोटों और वाम दलों के 4 वोटों पर भरोसा किया था। हालांकि, यह समर्थन कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को नहीं मिल पाया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दी बधाई
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए परिमल नाथवाणी को जीत की बधाई दी। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि ‘झारखंड से राज्यसभा के चुनाव में NDA समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को जीत की बधाई, उन्हें कुल 28 मत मिले। कांग्रेस प्रत्याशी को केवल 20, महागठबंधन बुरी तरह हारा।’ यह बयान कांग्रेस के लिए करारी हार का संकेत था।
जानें किसे मिले कितने वोट?
झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों में JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने 31 वोट हासिल किए। वहीं, भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को 28 वोट मिले, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हुई। कांग्रेस उम्मीदवार आवश्यक 28 वोटों का आंकड़ा छूने में विफल रहा। मतगणना के दौरान कुल तीन मतों को रद्द कर दिया गया था, जबकि तीन मतों को होल्ड पर रखा गया। इन होल्ड किए गए मतों के संबंध में चुनाव अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही थी।
इससे पहले, गुरुवार को झारखंड विधानसभा परिसर में मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे सदन में 100 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रक्रिया विधानसभा के कमरा संख्या-42 में आयोजित की गई थी। मतदान के दौरान, सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। JMM विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने अंतिम मतदाता के रूप में अपना वोट डाला, जिसके साथ ही मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई।
चुनाव परिणामों पर बोले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने चुनाव परिणामों पर अपनी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ‘स्वाभाविक है कि सबसे पहले तो एनडीए गठबंधन के सभी नेताओं को, विधायकों को और साथ ही उन तमाम 81 विधायकों को भी हमारी ओर से बहुत-बहुत बधाई, क्योंकि जिस प्रकार से नाथवाणी को 28 वोट मिले और प्रथम ही वरीयता में जो जानकारी मिली है कि उनकी जीत सुनिश्चित हो गई। तो इससे आप समझ सकते हैं झारखंड के जो मतदाता हैं, खासकर हमारे जो विधायक हैं, काफी सुलझे हुए हैं, काफी समझदार हैं। उनको पता है कि राज्य हित में किनको वोट देने से इस राज्य के हित में होगा।’ मरांडी ने विधायकों की सूझबूझ और राज्य हित में मतदान करने की बात कही।
यह भी उल्लेखनीय है कि राज्यसभा की कुल 27 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिनमें से 24 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए। इन 24 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि विपक्षी दलों को 5 सीटें मिलीं। झारखंड में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी की जीत से NDA का आंकड़ा बढ़कर 20 हो गया है। मिजोरम में राज्यसभा चुनाव का परिणाम अभी घोषित होना बाकी है।






