छत्तीसगढ़ के लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। गैस और तेल की कीमत बढ़ने के बाद अब राज्य में बिजली के रेटों मे बढ़ोतरी बढ़ोतरी की है। बिजली की कीमतों में वृद्धि के बाद अब राजनीतिक माहौल गरमाया गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिजली के बढ़े दामों का जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी जनता पर सीधा अत्याचार है। कांग्रेस पार्टी बिजली की कीमतों में पांचवीं बार की गई वृद्धि का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई बिजली दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस आंदोलन करेगी।
दीपक बैज ने बताया कि इसी कड़ी में 17 जून को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री है उनका पुतला दहन किया जायेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
दीपक बैज ने कहा कि सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने में लगा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से उपभोक्ताओं को सामान्य से तीन से चार गुना अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में एक ही माह के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अलग-अलग राशि के बिल जारी किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम और नाराजगी की स्थिति बन रही है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की जनता एक ओर लगातार बिजली कटौती से परेशान है, वहीं दूसरी ओर सरकार लोगों को भारी-भरकम बिजली बिल थमा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में विफल रही है, लेकिन उपभोक्ताओं पर बढ़े हुए बिजली बिलों का बोझ लगातार डाला जा रहा है।





