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रांची का CIP बनेगा NIMHANS-2, केंद्रीय बजट में घोषणा, पूर्वी भारत में मिलेंगी विश्वस्तरीय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं

Written by:Ankita Chourdia
Published:
केंद्रीय बजट में झारखंड की राजधानी रांची के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) को NIMHANS-2 के रूप में अपग्रेड करने की घोषणा की गई है। इस फैसले से पूर्वी भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और मरीजों को बेंगलुरु की तर्ज पर अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा।
रांची का CIP बनेगा NIMHANS-2, केंद्रीय बजट में घोषणा, पूर्वी भारत में मिलेंगी विश्वस्तरीय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं

केंद्रीय बजट में हुई एक बड़ी घोषणा के तहत झारखंड की राजधानी रांची में देश के दूसरे निमहंस (NIMHANS-2) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए रांची के प्रतिष्ठित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) को अपग्रेड कर बेंगलुरु के निमहंस की तर्ज पर एक अत्याधुनिक राष्ट्रीय संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कदम से न केवल झारखंड, बल्कि पूरे पूर्वी भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा मिलेगी।

केंद्र सरकार का यह फैसला देश में मानसिक रोगों के बढ़ते मामलों और इलाज के लिए बेहतर संस्थानों की कमी को देखते हुए लिया गया है। अब तक सिर्फ बेंगलुरु स्थित निमहंस पर ही गंभीर मामलों का बड़ा बोझ था, लेकिन अब रांची में दूसरा बड़ा केंद्र बनने से स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी।

क्यों चुना गया रांची?

रांची को इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चुनने की एक बड़ी वजह यहां पहले से मौजूद मजबूत स्वास्थ्य ढांचा है। यहां कांके क्षेत्र में स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) और रिनपास जैसे संस्थान पहले से ही देशभर में अपनी पहचान रखते हैं। CIP की स्थापना 17 मई 1918 को हुई थी और यह एशिया के सबसे पुराने और बड़े मनोरोग अस्पतालों में से एक है। 211 एकड़ के विशाल परिसर में फैले इस संस्थान में 600 से अधिक बेड हैं, जहां इलाज के साथ-साथ मनोरोग चिकित्सा में पढ़ाई और रिसर्च का भी काम होता है।

CIP की विरासत और किफायती इलाज

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद किफायती इलाज रहा है। यहां मरीजों से डॉक्टर की फीस के तौर पर मात्र 10 रुपये लिए जाते हैं। अगर किसी मरीज को दो महीने तक भर्ती रखने की जरूरत पड़े तो दवा, भोजन और कपड़ों समेत कुल खर्च लगभग 600 रुपये ही आता है। इसी मानवीय और सुलभ मॉडल ने CIP को देश के गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए एक वरदान बनाया है। उम्मीद है कि NIMHANS-2 बनने के बाद भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।

NIMHANS-2 में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

CIP के अपग्रेडेशन के बाद रांची में वे सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो फिलहाल बेंगलुरु के निमहंस में हैं। इसमें सुपर स्पेशियलिटी इलाज, एडवांस्ड रिसर्च लैब और आधुनिक डायग्नोस्टिक सिस्टम शामिल होंगे। इसके अलावा, यहां मनोचिकित्सा में उच्च शिक्षा और डॉक्टरों के लिए विशेष ट्रेनिंग की भी व्यवस्था होगी। संस्थान में गंभीर मानसिक रोगों के साथ-साथ नशा मुक्ति, डिप्रेशन, एंग्जायटी और न्यूरोलॉजिकल विकारों के इलाज के लिए भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

पूर्वी भारत के लिए बड़ी राहत

रांची में NIMHANS-2 की स्थापना से पूर्वी भारत के करोड़ों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब तक झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के मरीजों को गंभीर मानसिक रोगों के इलाज के लिए बेंगलुरु या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। अब उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा। यह संस्थान भविष्य में इलाज, रिसर्च और उम्मीद का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा और झारखंड को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।