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झारखंड में ED और पुलिस के बीच टकराव, रांची में अधिकारियों पर FIR के खिलाफ ED हाईकोर्ट पहुंचा, CBI जांच की मांग

Written by:Rishabh Namdev
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झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य पुलिस के बीच टकराव बढ़ गया है। ED ने अपने अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। यह मामला एक सरकारी कर्मचारी से 22 करोड़ रुपए के गबन मामले में पूछताछ से जुड़ा है।
झारखंड में ED और पुलिस के बीच टकराव, रांची में अधिकारियों पर FIR के खिलाफ ED हाईकोर्ट पहुंचा, CBI जांच की मांग

झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य सरकार के बीच चल रहा टकराव अब अदालत तक पहुंच गया है। ED ने अपने अधिकारियों के खिलाफ रांची पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR के विरोध में झारखंड हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है। इस याचिका में केंद्रीय एजेंसी ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।

झारखंड हाईकोर्ट इस महत्वपूर्ण याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। यह मामला एक केंद्रीय जांच एजेंसी और राज्य पुलिस के बीच अधिकारों के टकराव का एक बड़ा उदाहरण बन गया है, जिस पर कानूनी विशेषज्ञों की भी नजर है।

क्यों दर्ज हुई थी ED अधिकारियों पर FIR?

इस विवाद की शुरुआत पेयजल और स्वच्छता विभाग (PHED) के एक कर्मचारी संतोष कुमार द्वारा दर्ज कराई गई एक FIR से हुई। संतोष ने आरोप लगाया था कि रांची स्थित ED कार्यालय में पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। उनकी शिकायत के आधार पर रांची के एयरपोर्ट थाने में ED अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस टीम जांच के लिए ED दफ्तर भी पहुंची थी।

22 करोड़ के गबन से जुड़ा है मामला

दरअसल, ED ने PHED के कर्मचारी संतोष कुमार को 22.86 करोड़ रुपए के सरकारी धन के गबन के आरोप में पूछताछ के लिए बुलाया था। यह मामला स्वर्णरेखा हेड वर्क्स डिवीजन की शहरी जल आपूर्ति योजना के लिए आवंटित फंड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है।

ED का आरोप है कि संतोष कुमार ने कैशियर के पद पर रहते हुए फर्जी पे-आईडी बनाई और ठेकेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर सरकारी पैसा अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। ED की जांच में करीब 22.86 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। इसी मामले में पूछताछ के दौरान संतोष ने मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हो गया।

पहले भी हो चुका है टकराव

झारखंड में ED और राज्य सरकार के बीच टकराव का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी, खासकर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच को लेकर, दोनों के बीच तनातनी देखी गई है। राज्य सरकार कई मौकों पर ED की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताती रही है और केंद्र पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही है। अब यह नया मामला इस टकराव को और गहरा कर सकता है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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