झारखंड में बढ़ती गर्मी के साथ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी वर्दी बदलने जा रही है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने निर्देश जारी कर साफ किया है कि 9 मार्च से सभी इकाइयों में ग्रीष्मकालीन वर्दी लागू होगी और यह व्यवस्था 15 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।
नए आदेश के तहत पुलिसकर्मी हाफ शर्ट शैली में, यानी आस्तीन मोड़कर वर्दी पहन सकेंगे। ड्यूटी के दौरान टोपी अनिवार्य रहेगी। मुख्यालय का कहना है कि मौसम के अनुरूप यह बदलाव फील्ड में लंबे समय तक काम करने वाले जवानों के लिए व्यावहारिक सहूलियत देगा।
आदेश किसने जारी किया और किसे भेजा गया
इस संबंध में आधिकारिक आदेश झारखंड पुलिस मुख्यालय से जारी हुआ है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह पत्र आईजी प्रोविजन की ओर से राज्य के सभी पुलिस विभागों और इकाइयों को भेजा गया है, ताकि तय तारीख से एकरूप तरीके से पालन हो सके। प्रशासनिक स्तर पर इसका मकसद यही है कि जिला, रेंज और विशेष इकाइयों में ड्रेस कोड को लेकर कोई भ्रम न रहे।
पुलिस तंत्र में मौसमी वर्दी परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन इसके लिए लिखित आदेश जरूरी होता है। इसी कारण मुख्यालय पहले तारीख घोषित करता है, फिर सभी इकाइयों को पालन की जिम्मेदारी दी जाती है।
पिछला निर्देश: 4 नवंबर 2025 का आदेश
यह फैसला अचानक नहीं आया। इससे पहले 4 नवंबर 2025 को जारी आदेश में 15 नवंबर 2025 से शीतकालीन वर्दी लागू करने को कहा गया था। उस निर्देश के बाद पूरे राज्य में पुलिसकर्मी बंद आस्तीन वाली वर्दी और टोपी के साथ ड्यूटी कर रहे थे।
अब तापमान में बदलाव और गर्मी की शुरुआत को देखते हुए वही प्रणाली उलटी दिशा में लागू की गई है। यानी शीतकालीन व्यवस्था समाप्त होकर ग्रीष्मकालीन ड्रेस कोड प्रभावी होगा।
मैदान में ड्यूटी पर क्या असर पड़ेगा
झारखंड पुलिस में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती ट्रैफिक, थाने, पेट्रोलिंग, सुरक्षा ड्यूटी और भीड़ प्रबंधन जैसे कामों में रहती है। ऐसे कार्यों में लंबे समय तक खुले वातावरण में खड़े रहना पड़ता है। आस्तीन मोड़कर वर्दी पहनने की अनुमति का सीधा संबंध इसी कामकाजी जरूरत से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यालय की सोच यह है कि गर्म मौसम में सहज ड्रेस पैटर्न से कार्यक्षमता बनी रहे और अनावश्यक शारीरिक असुविधा कम हो। यह बदलाव केवल पहनावे की शैली भर नहीं है, बल्कि फील्ड ऑपरेशंस की व्यावहारिक जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक निर्णय भी है।
फिलहाल लागू निर्देश के मुताबिक 9 मार्च से 15 नवंबर तक राज्यभर में यही ड्रेस व्यवस्था मान्य रहेगी। इसके बाद मौसम के हिसाब से अगला आदेश जारी किया जा सकता है, जैसा पहले भी किया जाता रहा है।






