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GATE 2025: उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर, 20 नवंबर तक पूरा कर लें गेट आवेदन पत्र से जुड़ा ये काम, कहीं छूट न जाए मौका 

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एक बार फिर गेट 2025 करेक्शन विंडो की डेडलाइन आगे बढ़ा दी गई है। आइए जानें उम्मीदवार फॉर्म में क्या सुधार कर सकते हैं?
GATE 2025: उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर, 20 नवंबर तक पूरा कर लें गेट आवेदन पत्र से जुड़ा ये काम, कहीं छूट न जाए मौका 

GATE 2025: गेट 2025 एप्लीकेशन प्रोसेस को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। आईआईटी रुड़की ने 10 अक्टूबर, रविवार को अहम नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसके मुताबिक उम्मीदवार अब 20 नवंबर तक आवेदन पत्र में सुधार कर पाएंगे। एक बार फिर करेक्शन विंडो की तारीख आगे बढ़ा दी गई है।

बता दें कि पहले करेक्शन पोर्टल 6 नवंबर तक खुला रहने वाला है, जिसकी डेडलाइन आगे बढ़ाकर 10 नवंबर कर दी गई थी। संस्थान ने अब डेडलाइन दस दिन आगे बढ़ा दी है। जिन भी उम्मीदवारों ने आवेदन पत्र में गलती है वे इस दौरान सुधार या बदलाव कर सकते हैं। उम्मेदवार ऑफिशियल वेबसाइट goaps.iitr.ac.in पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार कर सकते हैं।

इन विवरणों को कर सकते हैं एडिट (GATE 2025 Correction Window)

आवेदक नाम, जन्मतिथि, एग्जाम सिटी चॉइस, मौजूदा पेपर, जेंडर, जाति, वर्ग, पता, कॉलेज नेम, रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर में सुधार कर सकते हैं। सेकंड पेपर भी जोड़ कर सकते हैं। जानकारियों को अपडेट करने के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।

कितनी लगेगी फीस? (Fees to Edit Form) 

नाम, जन्मतिथि, एग्जाम सिटी चॉइस, मौजूदा पेपर, में सुधार करने के लिए 500 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। एडिशनल पेपर जोड़ने पर 500 रुपये एक्स्ट्रा फीस का भुगतान करना होगा। जेंडर में संशोधन करने के लिए 1400 रुपये फीस लगेगी। कैटेगरी को एसीसी/एसटी में बदलने के लिए 500 रुपये शुल्क है। वहीं एससी/एसटी से दूसरे कैटेगरी में बदलने के लिए महिलाओं/पीडबल्यूडी उम्मीदवारों को 500 रुपये और अन्य उम्मीदवारों को 1400 रुपये का भुगतान करना होगा। माता-पिता/अभिभावक/पता/कॉलेज/रोल नंबर/रजिस्ट्रेशन नंबर से संबंधित जानकारी संशोधित करने के लिए कोई फीस नहीं लगेगी।

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Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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