खंडवा: चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बढ़ती चीनी की कीमतों को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है और विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल खड़े करते हुए उसे घेर रहा है। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस केंद्र सरकार के विरोध में सड़क पर उतर आई है और प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच, मध्यप्रदेश के खंडवा में कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई और चीनी के लगातार बढ़ते दामों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया है।
बता दें कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन से ‘महंगाई का ठेला’ निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह ठेला बॉम्बे बाजार से होते हुए केवलराम पेट्रोल पंप तक पहुंचा। इस दौरान ठेले पर एक व्यक्ति को पीएम मोदी का मुखौटा पहने और हाथ में चाय की केतली लिए बैठाया गया था। जिसके जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा।

बढ़ती महंगाई से बिगड़ा आम परिवारों का बजट: कांग्रेस
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने कहा कि त्योहारों के समय आम जनता को राहत देने के बजाय रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। चीनी के दाम लगभग 70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए हैं। इसके साथ ही बेसन, घरेलू गैस सिलेंडर और खाद्य तेल के दामों में भी बढ़ोतरी से आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है। महंगाई के इस दौर में एक और महंगाई के बोझ ने जनता की चिंता को दोगुनी कर दिया है। जनता त्योहार में खुशियां मनाती है लेकिन सरकार ने महंगाई बढ़ोतर त्योहार को दुख में बदल दिया है।

इथेनॉल नीति को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि इस देश में जब से नॉन-बायोलॉजिकल महामानव प्रधानमंत्री बने हैं तो इन्होंने निजी इथेनॉल लाभ योजना लेकर आए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल का दाम कम करने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल मिलाना पड़ेगा। लेकिन पेट्रोल में जैसे ही इथेनॉल मिलाया, पेट्रोल का दाम तो कम नहीं हुआ, हमारी गाड़ियों के इंजन जरूर आईसीयू में पहुंच गए हैं। फिर इथेनॉल बन किससे रहा है?
उन्होंने आगे कहा कि गन्ने, मक्के और चावल से इथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 25 लाख टन गन्ना, जिससे चीनी का उत्पादन होना था, उसे इथेनॉल बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, इथेनॉल बनने के बावजूद पेट्रोल की कीमतों में कमी नहीं आई, जबकि चीनी के दाम बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में चार साल पहले तक देश करीब 1.33 करोड़ टन चीनी का निर्यात करता था।
त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई पर कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने पेट्रोल के दाम कम करने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आम जनता को इसका लाभ नहीं मिला। महंगाई ने रसोई का पूरा हिसाब बिगाड़ दिया है और मध्यम एवं गरीब परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान आम नागरिकों ने भी कांग्रेस के महंगाई विरोधी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कहा कि त्योहारों के समय खाद्य सामग्री और घरेलू जरूरतों के सामान महंगे होने से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।





