खंडवा: मध्यप्रदेश में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच खंडवा में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बाजार में बेहद कम कीमत पर देसी घी बिकने की शिकायत के बाद टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित डोली एरोमेटिक पर छापा मारकर 153 लीटर बृजवासी देसी घी जब्त किया है।
विभाग के अनुसार, जब्त किए गए घी की अनुमानित कीमत करीब 77 हजार रुपये है। वहीं यदि शुद्ध देसी घी का बाजार भाव करीब 900 रुपये प्रति किलो माना जाए और 153 लीटर घी को लगभग 153 किलो के बराबर माना जाए, तो इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 लाख 37 हजार 700 रुपये, यानी लगभग 1.38 लाख रुपये होती है।
153 लीटर बृजवासी देसी घी जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राधेश्याम गोले मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ऐसी शिकायत मिली थी कि संबंधित प्रतिष्ठान पर देसी घी बाजार की प्रचलित कीमत की तुलना में काफी कम दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने मामले का संज्ञान लिया और मौके पर पहुंचकर जांच की। कार्रवाई के दौरान 153 लीटर बृजवासी देसी घी जब्त किया गया तथा इसके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
कम कीमत पर देसी घी की बिक्री ने खड़े किए गुणवत्ता पर सवाल
खाद्य अधिकारी आगे कहा कि जिस कीमत पर घी उपलब्ध कराया जा रहा था, उसे देखते हुए उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। अधिकारी के अनुसार, निर्धारित गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने वाला शुद्ध देसी घी इतनी कम कीमत पर उपलब्ध होना प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसी आशंका और प्राप्त शिकायत के आधार पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए घी के सैंपल लिए और मौके पर उपलब्ध स्टॉक को जब्त कर लिया।
बता दें कि अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल कम कीमत पर घी बिकने के आधार पर उसे नकली या अमानक घोषित नहीं किया जा सकता। घी वास्तव में निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
दूध-दूध से जुड़े खाद्य पदार्थों के भी लिए जा रहे सैंपल
बता दें कि खाद्य विभाग की कार्रवाई केवल घी तक सीमित नहीं है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे अभियान के तहत दूध और दूध से जुड़े अन्य खाद्य पदार्थों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं। बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है और जहां भी मिलावट या अमानक खाद्य पदार्थ की आशंका सामने आ रही है तो वहां कार्रवाई की जा रही है।





