खंडवा में सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक अब कानून तोड़ने तक पहुंच गया। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो कथित तौर पर अवैध पिस्टल से फायरिंग कर वीडियो बनाता था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से तीन अवैध पिस्टल बरामद हुई हैं।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब चोरी के एक केस में रिमांड पर लिए गए आरोपी सैयद उर्फ अमन लाला से पुलिस पूछताछ कर रही थी। पूछताछ के दौरान उसने ऐसे कई नाम बताए, जिनके पास अवैध हथियार होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि हथियारों का इस्तेमाल सिर्फ रखने के लिए नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर रील बनाकर खुद को दबंग दिखाने के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इन हथियारों की सप्लाई कहां से हुई और क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।
रील बनाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल
मोघट रोड थाना पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सैयद उर्फ अमन लाला ने पूछताछ में बताया कि उसने तीन युवकों को अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी। इसके बाद इन लोगों ने अलग-अलग जगहों पर वाहनों के पास फायरिंग की और उसका वीडियो रिकॉर्ड किया। पुलिस का कहना है कि इन वीडियो का मकसद सोशल मीडिया पर वायरल होना और इलाके में अपनी धाक जमाना था।
अमन की निशानदेही पर पुलिस ने अरबाज मंसूरी, सुफियान खान और अयान खान को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान तीन अवैध पिस्टल बरामद हुईं। जांच में यह भी सामने आया कि अयान ने हथियार उपलब्ध कराने और उन्हें छिपाने में सहयोग किया था। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी और वारदात में तो नहीं हुआ।
सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट पर पुलिस सख्त
पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए हथियारों के साथ वीडियो बनाने के मामले लगातार सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे वीडियो सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं। सार्वजनिक जगहों पर फायरिंग करने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
खंडवा पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने जिन हथियारों का इस्तेमाल किया, वे कहां से खरीदे गए या किसके जरिए उनके पास पहुंचे। साथ ही सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी और व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।






