राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्यप्रदेश के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने स्क्रीनिंग के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले पूरा कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारी से निपटने के लिए देश में चलाया जा रहा अभियान दुनिया की सबसे बड़ी जनस्वास्थ्य पहलों में से एक बन चुका है।
राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में अब तक 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है, जबकि मध्यप्रदेश में सवा करोड़ से अधिक लोगों की जांच हो चुकी है। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि सिकल सेल को सिर्फ स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों के जीवन, जागरूकता और भविष्य से जुड़े व्यापक मुद्दे के रूप में देखा गया है।
राष्ट्रपति विश्व सिकल सेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सिकल सेल एनीमिया पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया और मिशन में उत्कृष्ट योगदान देने वाली ग्राम पंचायतों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार भारत में 2 से 2.5 करोड़ लोग सिकल सेल जीन के वाहक हो सकते हैं और लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। इसका सबसे अधिक असर मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्रों में देखा गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार सार्वजनिक स्वास्थ्य, जनजातीय कल्याण, आनुवंशिक विज्ञान और डिजिटल मॉनिटरिंग को एक साथ जोड़कर इस स्तर का राष्ट्रीय अभियान चलाया गया है।
उन्होंने बताया कि मिशन के तहत अब तक लगभग ढाई लाख सिकल सेल रोगियों और 20 लाख से अधिक वाहकों की पहचान की जा चुकी है। ऐसे लोगों को समय रहते परामर्श और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना बीमारी की रोकथाम के लिए बेहद जरूरी है। राष्ट्रपति ने विवाह पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग, व्यापक स्क्रीनिंग और रोगियों की निरंतर स्वास्थ्य देखभाल को मिशन की सफलता के तीन प्रमुख आधार बताया।
मध्यप्रदेश की सराहना की
राष्ट्रपति ने मध्यप्रदेश में महिलाओं, विद्यार्थियों और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष स्क्रीनिंग अभियानों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि “सिकल मित्र” जैसी पहल जागरूकता बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी से देश वर्ष 2047 से पहले ही सिकल सेल उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने दी मिशन की जानकारी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन को मध्यप्रदेश ने जनआंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और वर्ष 2026 के अंत तक 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिकल सेल उन्मूलन के लिए एक साथ कई स्तरों पर काम कर रही है। गर्भवती महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं, जेनेटिक काउंसलिंग के माध्यम से सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा रहे हैं और 3,700 से अधिक “सिकल मित्र” जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता आने वाली पीढ़ियों को गंभीर आनुवंशिक बीमारी से बचाने में मदद करेगी।






