खंडवा में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल बदमाशों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। जो पहले से किसी अपराधी गतिविधि में सम्मिलित हैं। उनके खिलाफ सितंबर के पूरे महीने में लगातार कार्रवाई की गई है।
अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने जहां 11 आरोपियों को जिलाबदर किया है। वहीं गुंडा फाइल भी खोली गई है। कुछ प्रकरण ऐसे हैं, जिन पर कार्रवाई अभी विचाराधीन है। कानून व्यवस्था प्रभावित होने के आशंका के चलते पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
11 बदमाशों को किया जिलाबदर
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में 11 बदमाशों को जिला बदर किया गया है। इसमें कोतवाली थाना क्षेत्र के 28 वर्षीय जफर, 32 वर्षीय खालिक टाउ, 20 वर्षीय अलकेश बलाही, 32 वर्षीय शुभम बट्ट, 27 वर्षीय लखन केसनिया, 25 वर्षीय राजा के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की गई है।
हरसूद थाना क्षेत्र से 32 वर्षीय सद्दाम और 28 वर्षीय संजय चमार पर कार्रवाई की गई है।इसके अलावा पदम नगर थाना क्षेत्र से 25 वर्षीय दुर्गा प्रसाद, राजौरा के 34 वर्षीय मोहम्मद कादिर, पंधाना थाना क्षेत्र से 38 वर्षीय कलीम खां पर कार्रवाई की गई।
हर गतिविधि पर पुलिस की नजर
एसपी अगम जैन के निर्देश पर बदमाशों पर ये कार्रवाई की जा रही है। जालंधर करने के अलावा कुछ की गुंडा फाइल खोली गई है और इन्हें सूचीबद्ध किया गया है। जिन्हें सूचीबद्ध किया गया है उनकी गतिविधियों पर लगातार पर उसके निगरानी है। इनके द्वारा किए गए अपराध पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहे हैं। वहीं अगर भविष्य में यह किसी तरह की अपराधिक घटना में शामिल पाए जाएंगे तो नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
खण्डवा पुलिस की गुण्डा/बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्यवाही जारी, माह सितंबर 2026 में 11 आरोपी हुए जिलाबदर, 03 बदमाशों की खुली गुण्डा फ़ाइल#mppolice@mohdept@JansamparkMP@MPPoliceDeptt@DGP_MP@IGP_INDORE@Digkhargone23@projskhandwa pic.twitter.com/tvqxAA93c6
— SP_Khandwa (@KhandwaSp) October 2, 2026
कैसे की जा रही कार्रवाई
पुलिस वाला क्यों जा रही है इस कार्रवाई के तहत जो आदतन अपराधी है उनके रिकॉर्ड छांटे जा रहे हैं। ऐसे बदमाशों को चिन्हित किया जा रहा है जो कानून व्यवस्था क्षेत्र की शांति को भंग कर सकते हैं। इनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जिला बदर के प्रस्ताव जिला दंडाधिकारी कार्यालय भेजे जा रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कदम उठाया गया है।






