नीट पेपर लीक को लेकर देश में प्रोटेस्ट किया जा रहा है। स्टूडेंट्स और जनता अलग-अलग तरीके से अपना विरोध जाहिर कर रहे हैं। सोनम वांगचुक भी अनशन पर बैठे हुए थे। अब उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर लिया है लेकिन उनके अनशन को खत्म करने की मांग के चलते मध्य प्रदेश के एक स्कूल प्राचार्य को अपनी नौकरी खोनी पड़ी।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र खालवा इलाके के स्कूल कैंपस से आदिवासी छात्राओं का एक वीडियो सामने आया था जिसे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सामूहिक अपील करते हुए सोना मांग चुका अनशन खत्म करने की मांग कर रही थी। वीडियो सामने आते ही लोगों ने आपत्ति जताई। जिस पर शासन स्तर पर संज्ञान लेते हुए स्कूल प्राचार्य को सस्पेंड कर दिया गया है।
सामने आया था छात्राओं का वीडियो
खंडवा जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र खालवा के ग्राम पटाजन स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं का वीडियो सामने आया था। जिसमें वो स्कूल प्रांगण में एकजुट होकर खड़ी हुई थी। उनके हाथों में सोनम वांगचुक की फोटो थी। छात्राओं ने कहा प्रधानमंत्री मोदी जी, हम सब बच्चे आपसे निवेदन करते हैं कि आप सोनम वांगचुक की मांग मान लीजिए। उनका अनशन जल्द से जल्द खत्म कीजिए। हम सभी बच्चे सोनम वांगचुक का सपोर्ट करते हैं।
प्राचार्य को किया सस्पेंड
स्कूल की छात्राओं से ये सारी बात ग्राम लंगोटी निवासी जायद नेता अमरसिंह सिलाले बुलवाते नजर आ रहे हैं। जब ये वीडियो सामने आया तो प्रशासन ने इसका जिम्मेदार स्कूल प्राचार्य संदीप यादव को मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है।
स्कूल में अनियमितताओं का दावा
स्कूली छात्राओं से अपील कराने के इस वीडियो के अलावा स्कूल में अनियमितताओं की जानकारी भी सामने आई है। ये बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद हरसूद एसडीएम ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी। जांच कमेटी ने एक रिपोर्ट तैयार की जिसके बाद प्राचार्य को सस्पेंड किया गया है। निलंबन के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने इसी स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक हरीश कुमार रजक को प्राचार्य का अधिभार सौंपा है।






