मध्य प्रदेश में भ्रष्ट सरकारी मुलाजिमों पर लगातार एक्शन हो रहा है, लोकायुक्त पुलिस सहित अन्य एजेंसियां घूस लेते रंगे हाथ पकड़ रही हैं फिर भी घूसखोर आदतों से बाज नहीं आ रहे, आज एक बार फिर एक रिश्वतखोर लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ा है, उसे 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा गया है।
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मामला खरगोन जिले की नगर परिषद् भीकनगांव का है, यहाँ वार्ड क्रमांक 06 हनुमान मंदिर कसाई मोहल्ला में रहने वाले सिराज पठान ने एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें नगर परिषद् में अपदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक मयंक जैन पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये गए थे।
लोकायुक्त कार्यालय के मुताबिक आवेदन में सिराज पठान ने बताया कि उसकी पत्नी आयशा पठान के नाम से पीएम आवास योजना में एक कुटीर (आवास ) स्वीकृत हुआ था, जिसकी पहली क़िस्त 1 लाख रुपये खाते में आ चुकी थी उसकी दूसरी क़िस्त 1 लाख रुपये शासन की तरफ से आ चुके थे जिसे खाते में ट्रांसफर करने के बदले मयंक जैन 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
सहायक राजस्व निरीक्षक ने ली 15 हजार रुपये रिश्वत
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर राजेश सहाय के निर्देश पर इसका सत्यापन कराया गया, सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई जिसक एबाद आज 17 अप्रैल को ट्रैप दल गठित किया गया और फिर सहायक राजस्व निरीक्षक मयंक जैन को उसके कार्यालय में आवेदक सिराज पठान से 15,000/- रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।
लोकायुक्त डीजी ने की ये अपील
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। यदि कोई अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो प्रदेश केअलग अलग संभागों में स्थित लोकायुक्त कार्यालय अथवा उसके एवं फोन पर सम्पर्क कर शिकायत करें।






