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शैतान ने एक रात में लिखी ये किताब, 800 साल पुरानी कोडेक्स गिगास, राक्षस की तस्वीर, स्वर्ग का नक्शा, और जादुई मंत्र!

Written by:Ronak Namdev
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कोडेक्स गिगास को दुनिया की सबसे खतरनाक किताब कहा जाता है। 75 किलो की इस किताब को शैतान ने लिखा, ऐसा माना जाता है। जानें इसकी डरावनी कहानी और रहस्य।
शैतान ने एक रात में लिखी ये किताब, 800 साल पुरानी कोडेक्स गिगास, राक्षस की तस्वीर, स्वर्ग का नक्शा, और जादुई मंत्र!

कोडेक्स गिगास, जिसे डेविल्स बाइबल भी कहते हैं, एक ऐसी किताब है जिसके बारे में कहा जाता है कि इसे शैतान ने एक रात में लिखा। 800 साल पुरानी ये किताब आज भी रहस्य बनी हुई है। आइए जानते हैं इसकी डरावनी कहानी को।

कोडेक्स गिगास दुनिया की सबसे बड़ी और रहस्यमई मध्य युग के दौरान लिखी गई किताबो में से एक है। इसका मतलब है “जायंट बुक”, और ये सच में जायंट है 75 किलो वजनी और 310 पेज वाली। इसे 13वीं सदी (1204-1230) के बीच चेक रिपब्लिक के बोहेमिया के बेनेडिक्टाइन मॉनेस्ट्री ऑफ पॉडलाज़ाइस में लिखा गया था। कहा जाता है कि एक साधु ने इसे लिखा, लेकिन इसके पीछे एक डरावनी कहानी है। माना जाता है कि साधु ने अपनी सजा से बचने के लिए शैतान से मदद ली और ये किताब एक रात में पूरी हुई। किताब में शैतान की एक बड़ी तस्वीर है, जिसके चलते इसे डेविल्स बाइबल कहते हैं। आज ये किताब स्वीडन की नेशनल लाइब्रेरी में रखी है। चलो इसकी पूरी कहानी जानते हैं।

कोडेक्स गिगास की डरावनी कहानी और शैतान से कनेक्शन

कोडेक्स गिगास की कहानी 13वीं सदी से शुरू होती है। बोहेमिया के पॉडलाज़ाइस मॉनेस्ट्री में एक साधु, जिसका नाम हरमन बताया जाता है, को अपने गुनाहों की सजा दी गई थी उसे दीवार में जिंदा चुनवाया जाना था। उसने मॉनेस्ट्री को बचाने के लिए एक किताब लिखने का वादा किया, जो साम्राज्य को समृद्ध करेगी। लेकिन रात होते-होते उसे लगा कि वो अकेले ये काम नहीं कर सकता। किंवदंती है कि उसने शैतान को बुलाया और मदद मांगी। शैतान ने एक रात में 310 पेज की किताब लिख दी, जिसमें बाइबल, जादुई मंत्र, और बोहेमिया का इतिहास शामिल है। बदले में साधु ने अपनी आत्मा शैतान को दे दी। किताब में शैतान की एक बड़ी तस्वीर है, जो इसे डरावना बनाती है। हालांकि, इतिहासकार कहते हैं कि इसे लिखने में 15-20 साल लगे होंगे।

कोडेक्स गिगास की जर्नी और आज कहां है ये किताब?

कोडेक्स गिगास की जर्नी भी उतनी ही रहस्यमई है। 13वीं सदी में लिखे जाने के बाद इसे पॉडलाज़ाइस मॉनेस्ट्री से सेडलेक एबी ले जाया गया। 1594 में रोमन सम्राट रुडोल्फ द्वितीय ने इसे ले लिया, क्योंकि वो जादू-टोने में यकीन करते थे। 1648 में 30 साल के युद्ध के दौरान स्वीडिश सैनिकों ने इसे लूटकर स्टॉकहोम लाया और क्वीन क्रिस्टीना के कलेक्शन में रखा। 1878 में इसे स्वीडन की नेशनल लाइब्रेरी में शिफ्ट किया गया, जहां ये आज भी है। किताब को डैमेज से बचाने के लिए क्लाइमेट-कंट्रोल्ड केस में रखा गया है। पब्लिक इसे ट्रेजरी रूम में देख सकती है, और इसके पेज ऑनलाइन वर्ल्ड डिजिटल लाइब्रेरी पर उपलब्ध हैं। किताब में शैतान की तस्वीर, स्वर्ग का नक्शा, और जादुई मंत्र इसे रहस्यमई बनाते हैं।

Ronak Namdev
लेखक के बारे में
मैं रौनक नामदेव, एक लेखक जो अपनी कलम से विचारों को साकार करता है। मुझे लगता है कि शब्दों में वो जादू है जो समाज को बदल सकता है, और यही मेरा मकसद है - सही बात को सही ढंग से लोगों तक पहुँचाना। मैंने अपनी शिक्षा DCA, BCA और MCA मे पुर्ण की है, तो तकनीक मेरा आधार है और लेखन मेरा जुनून हैं । मेरे लिए हर कहानी, हर विचार एक मौका है दुनिया को कुछ नया देने का । View all posts by Ronak Namdev
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