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देश की एकमात्र ऐसी ट्रेन जिसमें हाथ के इशारे से मिलती है लिफ्ट, मात्र 13 km करती है सफर

Written by:Sanjucta Pandit
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यह मात्र 13 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जिसमें केवल 3 कोच लगे हुए हैं और इसकी रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे है, जो कि 35 मिनट का सफर है।
देश की एकमात्र ऐसी ट्रेन जिसमें हाथ के इशारे से मिलती है लिफ्ट, मात्र 13 km करती है सफर

Indian Railways : भारतीय रेलवे विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क माना जाता है। यहां रोज 1300 से अधिक ट्रेनें संचालित की जाती है। भारत में कुल 7,500 से अधिक रेलवे स्टेशन है, जहां से रोजाना करोड़ों लोग सफर करते हैं। भारतीय रेलवे को 18 जोन और 73 डिवीजन में बांटा गया है, जिनमें सबसे बड़ा जॉन उत्तर रेलवे का है। रेलवे का सफर काफी अनोखा होता है। इस दौरान लोग तरह-तरह के लोगों से मिलते हैं। ट्रेन बहुत से राज्यों से होकर गुजरती है। ऐसे में यात्रियों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति, खानपान, भाषा, आदि से रूबरू होने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने और जानने का भी मौका मिल जाता है।

सफर के दौरान ट्रेन अपने तय स्टेशनों पर रूकती है। ऐसे तो आपने बहुत से ट्रेनों के बारे में सुना होगा, जो अपनी लंबाई के लिए जाने जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसे ट्रेन के बारे में सुना है जो यात्रियों को लिफ्ट देती हो।

अनोखा ट्रेन (Indian Railways)

जी हां, आप इस ट्रेन में आप बस, कार या बाइक जैसी गाड़ियों की तरह हाथ दिखाकर लिफ्ट मांग सकते हैं। इस ट्रेन को कोंच से एट के बीच संचालित किया जाता है। इसकी शुरुआत साल 1902 में अंग्रेज द्वारा की गई थी। कुछ सालों तक यह बंद रहा, लेकिन अब इसे वापस से शुरू कर दिया गया है। यह मात्र 13 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जिसमें केवल 3 कोच लगे हुए हैं और इसकी रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे है, जो कि 35 मिनट का सफर है।

मिलती है लिफ्ट

बता दें कि अगर कोई यात्री नीचे छूट जाता है, तो ट्रेन रोक दी जाती है, जिससे उसमें चढ़ सकते हैं। लोगों की डिमांड के बाद इसे वापस से शुरू किया गया है। जिसे आज इंडियन रेलवे की धरोहर के रूप में देखा जाता है। इस ट्रेन के संचालन के दौरान कोई भी ऐसा स्टेशन नहीं है, जोकि निर्धारित हो, बल्कि कोई भी यात्री द्वारा हाथ देने पर ट्रेन रोक दी जाती है। इससे यात्री आराम से इसमें सवार होकर अपने गंतव्य को पहुंच सकते हैं।

जानें किराया

यह गांव के किसान, छात्र और नौकरी करने वाले यात्रियों के लिए लाइफ लाइन मानी जाती है। जिसका किराया मात्र 10 से ₹15 है। यह बहुत ही सस्ती ट्रेन मानी जाती है। इसमें लोग अपनी सुविधा अनुसार चढ़कर अपने गंतव्य तक जाते हैं। इसके लिए उन्हें स्टेशन पर भागदौड़ नहीं करनी पड़ती है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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