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क्या बाहुबली फिल्म में दिखाए गए माहिष्मती साम्राज्य का संबंध मध्य प्रदेश की इस ऐतिहासिक नगरी से है? नाम जानकर चौंक जाएंगे आप

Written by:Rishabh Namdev
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क्या आप जानते हैं कि बाहुबली और बाहुबली 2 फिल्म में दिखाए गए माहिष्मती साम्राज्य का संबंध मध्य प्रदेश की एक ऐतिहासिक नगरी से है? अक्सर लोग बाहुबली फिल्म में दिखाए गए माहिष्मती साम्राज्य को काल्पनिक समझते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। चलिए, आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।
क्या बाहुबली फिल्म में दिखाए गए माहिष्मती साम्राज्य का संबंध मध्य प्रदेश की इस ऐतिहासिक नगरी से है? नाम जानकर चौंक जाएंगे आप

अगर आप फिल्म प्रेमी हैं, तो आपको बाहुबली फिल्म जरूर याद होगी और फिल्म का माहिष्मती साम्राज्य तो आपके दिमाग में बसा ही होगा, क्योंकि इस साम्राज्य को इतना विशाल और भावनात्मक रूप से दिखाया गया था कि यह हर किसी के मन में बस गया। बाहुबली फिल्म के माहिष्मती साम्राज्य का डायलॉग भी काफी चर्चा में रहा था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह माहिष्मती साम्राज्य असल में मध्य प्रदेश की एक ऐतिहासिक जगह से जुड़ा हुआ है? चलिए, आज हम आपको उसके बारे में बताते हैं।

दरअसल, बाहुबली और बाहुबली 2 में माहिष्मती साम्राज्य की छवि को बेहद शक्तिशाली दिखाया गया था, जिसे देखकर लोग अक्सर इसे काल्पनिक मानते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, यह भारत की एक ऐतिहासिक नगरी पर आधारित है।

इस नगरी का है महेश्वर

इस नगरी का नाम महेश्वर है। यह खरगोन जिले की एक धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी मानी जाती है। इसके पीछे एक बहुत बड़ी कहानी है। नर्मदा किनारे बसे इस शहर का इतिहास हजारों साल पुराना बताया जाता है। महेश्वर के घाट, किला और यहां की इमारतें आज भी अतीत की याद दिलाती हैं। इसी राज्य ने बाहुबली फिल्म को पर्दे पर जीवंत कर दिया। आज महेश्वर न केवल ऐतिहासिक और फिल्मी महत्व रखता है, बल्कि यह एक प्रमुख पर्यटक और धार्मिक स्थल भी बन चुका है। दिन-प्रतिदिन महेश्वर का यह किला और प्रसिद्ध होता जा रहा है और पर्यटकों की भीड़ बढ़ती जा रही है।

क्या वाकई में महेश्वर ही है माहिष्मती साम्राज्य?

दरअसल, बाहुबली फिल्म में जो माहिष्मती साम्राज्य दिखाया गया था, उसका इस ऐतिहासिक नगरी से गहरा संबंध है। ग्रंथों में महेश्वर का उल्लेख मिलता है। इसे गुप्तकाशी भी कहा जाता है। महेश्वर को ही हैहय वंश के राजाओं ने बसाया था। इसी वंश के एक शक्तिशाली राजा कार्तवीर्य सहस्त्रार्जुन, जिन्हें चक्रवर्ती सम्राट कहा जाता था, ने अपनी राजधानी का नाम माहिष्मती रखा था। उस दौर में यह नगरी सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद प्रभावशाली मानी जाती थी। पुरातत्व विशेषज्ञों की मानें तो माहिष्मती साम्राज्य की सीमाएं बहुत बड़ी थीं और यह कई जिलों तक फैला हुआ था। बाद में नर्मदा नदी के किनारे बसी इस नगरी का नाम महेश्वर कर दिया गया।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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