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Christmas को Xmas क्यों कहते हैं, जानिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्रिसमस को किन नामों से पुकारा जाता है

Written by:Shruty Kushwaha
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क्या आप जानते हैं कि "जिंगल बेल्स" गाना मूल रूप से क्रिसमस के लिए नहीं लिखा गया था। यह एक थैंक्सगिविंग गीत था। इसे जेम्स लॉर्ड पियरपोंट ने 1850 में थैंक्सगिविंग के लिए लिखा था और सबसे पहले "वन हॉर्स ओपन स्लीघ" नाम से प्रकाशित किया गया था। जब इसे 1859 में दुबारा प्रकाशित किया गया, तब इसका नाम बदलकर "जिंगल बेल्स या वन हॉर्स ओपन स्लीघ" कर दिया गया। इसी के साथ, ये बात भी रोचक है कि फिलीपींस में क्रिसमस का जश्न महीनों तक चलता है। यहां लोग सितंबर की शुरुआत से लेकर जनवरी के अंत तक क्रिसमस मनाते हैं, जिसे 'बर-मंथ्स' के नाम से भी जाना जाता है।
Christmas को Xmas क्यों कहते हैं, जानिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्रिसमस को किन नामों से पुकारा जाता है

Merry Christmas : सर्दियों के मौसम में जब बर्फ गिरती है और चारों तरफ ठंडक छा जाती है, तब क्रिसमस का जादू जागता है। इस त्यौहार को मनाने के लिए लोग अपने घरों को रोशनी, सजावट और रंगीन क्रिसमस ट्री से सजाते हैं। क्रिसमस की तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है। लोग अपने घरों और आस-पास के इलाकों को रंग-बिरंगी रोशनी, सितारों और सजावटी सामान से सजाते हैं। सबसे खास आकर्षण होता है क्रिसमस ट्री, जिसकी सजावट घर में सभी मिल जुलकर करते हैं। कल क्रिसमस का वो दिन है, जिसका दुनियाभर में लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं।

क्रिसमस अब सिर्फ ईसाई धर्म का पर्व नहीं रह गया है, बल्कि आज ये दुनियाभर में उत्साह से मनाया जाने वाले एक ऐसा त्योहार बन गया है जिसमें प्रेम, दया और इंसानियत का संदेश है। यीशु मसीह के जन्म को याद करते हुए इस दिन लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं, गिफ्ट्स देते हैं और अपने प्रियजनों के साथ समय बिताते हैं। ये लोगों को एक दूसरे से जोड़ने का उत्सव है जो बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

Christmas: दुनियाभर में सबसे धूमधाम से मनाया जाने वाला त्यौहार

क्रिसमस के साथ जुड़ी सांस्कृतिक विविधताएं और परंपराएं इसे दुनिया का सबसे रंगीन और अनूठा त्योहार बनाती हैं। अलग-अलग देशों में इसे मनाने का तरीका, परंपराएं यहां तक कि इसके नाम भी अलग हैं। ये वहां की संस्कृति और इतिहास पर आधारित है। आइए आज हम जानते हैं कि क्रिसमस को अलग अलग देश और भाषाओं में क्या कहते हैं।

जानिए क्रिसमस को और किन नामों से पुकारा जाता है

1. Xmas (इंग्लैंड और अन्य अंग्रेजी बोलने वाले देशों में) : “Xmas” शब्द में “X” को ग्रीक शब्द “Χριστός” (Christos) से लिया गया है, जिसका अर्थ है “मसीह”। हालांकि, यह सामान्यत: “क्रिसमस” का संक्षिप्त रूप है। X’ का इस्तेमाल क्राइस्ट शब्द के लिए सैकड़ों सालों से किया जा रहा है। ‘X’ का इस्तेमाल ‘क्राइस्ट’ से शुरू होने वाले दूसरे शब्दों के लिए भी किया जाता है, जैसे कि ईसाइयों को ‘Xians’ कहा जाता है।

2. Navidad (स्पेनिश भाषी देशों में) : स्पेन, मेक्सिको और अन्य लैटिन अमेरिकी देशों में क्रिसमस को “Navidad” कहा जाता है, जो “नव (natal)” शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब होता है “जन्म” (अर्थात, यीशु का जन्म)। यहाँ पर “लास पॉसादास” नामक नौ दिन का जुलूस निकाला जाता है।

3. Weihnachten (जर्मन भाषी देशों में) : जर्मनी, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड में क्रिसमस को “Weihnachten” कहा जाता है। ‘वेइहनाचटेन’ का अर्थ है “पवित्र रात” (Holy Night)। यह शब्द पुराने जर्मन शब्द “Wīganāhten” से आया है, जिसका मतलब होता है “धार्मिक रात”।

4. Noël (फ्रांसीसी में) : फ्रांस और फ्रेंच भाषी देशों में, क्रिसमस को “Noël” कहा जाता है, जो लैटिन शब्द “natalis” से निकला है, जिसका अर्थ “जन्म” होता है। फ्रांस में क्रिसमस पर “बुचे डे नोएल” (लकड़ी के लॉग जैसा दिखने वाला केक) विशेष रूप से बनाया जाता है।

5. Kurisumasu (जापान में) : जापान में क्रिसमस को कुरिसुमासु (クリスマス) कहते हैं जो अंग्रेजी शब्द “Christmas” से लिया गया है। हालांकि जापान में Kurisumasu यानी क्रिसमस मनाने का तरीका वहां की विशिष्ट संस्कृति के अनुसार ढल चुका है। यह जापान में एक धार्मिक त्योहार की बजाय सांस्कृतिक और रोमांटिक दिन के रूप में अधिक जाना जाता है।

6. Jól (आइसलैंड और नॉर्डिक देशों में) : आइसलैंड, स्वीडन और अन्य नॉर्डिक देशों में, क्रिसमस को “Jól” (या “Yule”) कहा जाता है। यह नाम प्राचीन नॉर्डिक सभ्यता से आया है, जहाँ यह एक सर्दी के मौसम के पर्व के रूप में मनाया जाता था।

7. Божић (Bojic) (सर्बिया और अन्य स्लाव देशों में) : सर्बिया और अन्य स्लाव देशों में, क्रिसमस को “Bojic” कहा जाता है, जो “भगवान का जन्म” (Birth of God) का प्रतीक है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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