नए गार्डनर्स अक्सर सोचते हैं कि जितना ज्यादा खाद देंगे, पौधे उतने ही तेजी से बढ़ेंगे और ज्यादा फूल-फल देंगे। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पढ़ें, कैसे ज्यादा खाद पौधों की जड़ों को जला सकती है और उनका विकास रोक सकती है।
हर गार्डनर चाहता है कि उसके पौधे तेजी से बढ़ें, हरे-भरे रहें और खूब फूल-फल दें। इसी वजह से कई लोग पौधों को जरूरत से ज्यादा खाद दे देते हैं। शुरू में ऐसा सही लग सकता है, लेकिन सच ये है कि ज्यादा खाद पौधों के लिए नुकसानदेह हो सकती है। अधिक मात्रा में खाद डालने से जड़ें पानी नहीं सोख पाती हैं और पौधे धीरे-धीरे कमजोर हो जाते हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि खाद कितनी मात्रा में और कैसे डालें।
ज्यादा खाद से पौधों को क्या नुकसान होता है
जब मिट्टी में बहुत ज्यादा खाद डाली जाती है, तो मिट्टी में नमक और रसायन बढ़ जाते हैं। ये जड़ों से पानी सोखने की क्षमता छीन लेते हैं। पौधा पानी की कमी की वजह से सूखने लगता है और पत्तियों के किनारे जलने लगते हैं।
ज्यादा केमिकल और गर्मी की वजह से नाज़ुक जड़ें जल जाती हैं और गलने लगती हैं। ऊपर से देखने पर ऐसा लगता है कि पौधा मर रहा है, जबकि मिट्टी में पोषक तत्व होने के बावजूद पौधा कमजोर होता है। ज्यादा खाद डालने से मिट्टी का संतुलन बिगड़ता है और पौधों का स्वस्थ विकास रुक जाता है। फूल और फल कम आने लगते हैं और पौधे का जीवनकाल घट सकता है।
खाद डालने का सही तरीका
सूखी मिट्टी में सीधे खाद न डालें। हमेशा पौधों को पहले पानी दें, ताकि मिट्टी नम हो। केमिकल फर्टिलाइजर की जगह जैविक खाद का इस्तेमाल करें। जैसे वर्मीकंपोस्ट, गोबर की खाद या किचन वेस्ट कंपोस्ट। ये धीरे-धीरे पोषक तत्व छोड़ते हैं और पौधों को सुरक्षित रखते हैं। खाद को गमले या पौधे की जड़ों के किनारे डालें। कभी भी मुख्य तने के पास मत डालें, क्योंकि वहां की जड़ें बहुत नाज़ुक होती हैं। पैकेट पर लिखी मात्रा से थोड़ी कम ही इस्तेमाल करें। अगर पौधा स्वस्थ दिख रहा है तो बार-बार खाद देने की जरूरत नहीं है।
पौधों की देखभाल में संतुलन बनाए रखना
एक अच्छा गार्डनर वही है जो संतुलित पोषण और देखभाल करता है। सिर्फ खाद देना ही काफी नहीं है। पानी, धूप और मिट्टी की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी जरूरी है। जैविक खाद धीरे-धीरे पौधों को पोषण देती है और उनका विकास स्वस्थ बनाती है। ज्यादा केमिकल फर्टिलाइजर तुरंत पोषण तो देता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा देने पर यह जड़ों और मिट्टी दोनों को नुकसान पहुंचाता है। संतुलन बनाए रखना ही पौधों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने का तरीका है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।





