स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के मंच पर मध्य प्रदेश ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में निवेश, पर्यटन और सतत विकास का एक व्यापक विजन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कई उच्चस्तरीय बैठकों में वैश्विक कंपनियों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद कर यह स्पष्ट किया कि राज्य अब एकीकृत विकास की दृष्टि से वैश्विक भागीदारी के लिए तैयार है।
इस वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश की प्रस्तुति केवल एक राज्य के तौर पर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक विरासत, निवेश अनुकूल नीतियों और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के एक समग्र मॉडल के रूप में की गई। सीएम यादव ने राज्य की प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक योजनाओं को दुनिया के सामने रखा।
पर्यटन के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रण
WEF के विशेष सत्र ‘रीइमेजिनिंग टूरिज्म एट स्केल’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की पर्यटन क्षमताओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि MP सिर्फ ‘भारत का दिल’ ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सुंदरता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के दिग्गजों को राज्य की विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने राज्य के वाइल्डलाइफ टूरिज्म, हेरिटेज सर्किट और निवेश के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे की जानकारी दी।
फार्मा और स्वच्छ ऊर्जा पर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री यादव ने दावोस में वैश्विक फार्मा कंपनी सैंडोज (Sandoz) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक में जेनेरिक दवाओं, एंटी-इन्फेक्टिव्स और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) इकाइयों की स्थापना पर चर्चा हुई। सीएम ने कंपनी को राज्य की औद्योगिक नीति, कुशल मानव संसाधन और कारोबार सुगमता का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
इसके अलावा, स्विट्जरलैंड की संसद के सदस्य श्री सेम्युअल गगर के साथ हुई बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल समाधानों पर सहयोग की संभावनाएं तलाशी गईं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश देश में सबसे बड़ी जनजातीय आबादी वाला राज्य है और सरकार जनजातीय कल्याण, मिलेट आधारित कृषि और ग्रामीण पर्यटन को प्राथमिकता दे रही है।
योग और अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बनेगा उज्जैन
दावोस में मुख्यमंत्री की मुलाकात ‘यूनाइटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल’ के एक प्रतिनिधिमंडल से भी हुई। इस चर्चा में योग के वैश्विक प्रसार और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने 2027 में उज्जैन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने और एक स्थायी योग केंद्र स्थापित करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य इस दिशा में हरसंभव सहयोग पर विचार करेगा।
कुल मिलाकर, दावोस में मध्य प्रदेश ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास के साथ एक दीर्घकालिक वैश्विक साझेदारी बनाना है।





